नगर निगम में कई सालों से काम कर रहे सी व डी ग्रुप के आउससोर्स (ठेका) कर्मियों के सामने विषम हालात पैदा हो गए हैं। एक तरफ अफसर 31 मार्च को ठेका खत्म होने की वजह से काम नहीं करने का पत्र जारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ इन कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए ड्यूटी लगाई जा रही है।
अफसरों का कहना है हरियाणा रोजगार कौशल निगम व उच्च अधिकारियों को जरूरत के पदों के सृजन करने व अनुभव को प्राथमिकता देने का पत्र लिखा है। जब तक गाइड लाइन नहीं आएगी, तब तक कुछ नहीं कह सकते हैं। नगर निगम में कई-कई साल से आउटसोर्स के सी व डी ग्रुप के कर्मी काम कर रहे हैं। डी ग्रुप में 97 व सी ग्रुप के करीब 70 कर्मी कार्यरत हैं। प्रदेश सरकार ने ठेका खत्म कर दिए हैं। हरियाणा रोजगार कौशल निगम का गठन किया है। जिसमें आउटसोर्स कर्मियों का पंजीकरण करके नौकरी देने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, 31 मार्च को ठेका खत्म होने पर निगम आयुक्त व संयुक्त निगम आयुक्त सभी विभागाध्यक्षों को आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं नहीं लेने व हस्ताक्षर नहीं कराने के लिए पत्र लिख चुके हैं। बावजूद इसके ये कर्मी लगातार निगम में काम कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ अफसर ही आउटसोर्स कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने का पत्र जारी कर रहे हैं। इससे इन कर्मियों में उहापोह की स्थिति है।
लेखाधिकारी विकास का कहना है कि हरियाणा रोजगार कौशल निगम में पंजीकरण के लिए शैक्षणिक पात्रता जरूरी है। निगम में लंबे समय से कर्मचारी कार्यरत हैं, इसलिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुभव को आधार बनाने के लिए कहा गया है। निगम के अनुसार पदों का सृजन करने के लिए भी कहा है। गाइड लाइन आने पर ही पंजीकरण किया जाएगा। सभी का पंजीकरण एक अप्रैल से मानकर पिछला मानदेय मिलेगा।
संयुक्त निगम आयुक्त महेश कुमार का कहना है कि उच्च अधिकारियों से गाइड लाइन में संशोधन के लिए कहा है। जैसे ही गाइड लाइन आएगी वैसे ही शेष कर्मियों का पंजीकरण होगा। डी ग्रुप से 97 कर्मियों में से 70 और सी ग्रुप के 70 में से 14 कर्मियों का पंजीकरण हो चुका है। रही बात अप्रैल के मानदेय की तो पंजीकरण एक अप्रैल से होगा और पूरा मानदेय मिलेगा।
मानदेय कम होने पर एक कर्मी ने छोड़ी नौकरी
नगर निगम के एक आउटसोर्स कर्मी ने शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से काम पर नहीं आने का संदेश निगम आयुक्त को भेज दिया है, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। आउटसोर्स कर्मी का कहना है कि वर्तमान में उसे करीब 23500 रुपये मिल रहे हैं। हरियाणा रोजगार कौशल निगम में पंजीकरण कराने पर कम मानदेय मिलेगा, इसलिए उसने नौकरी नहीं करने का फैसला लिया है।