कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने महम स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के छात्रावास में 100 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की तैयारी की है। संबंधित विभागों के साथ बैठक में प्रस्ताव पास करने के बाद उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने खेल विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर साई छात्रावास को सिविल सर्जन को सौंपने का आग्रह किया है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में 23 जून को बैठक हुई थी, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता उदयवीर, साई रोहतक के अतिरिक्त निदेशक मनोज अवती, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल और जिला खेल अधिकारी शर्मिला मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि महम में साई का छात्रावास 2015 में बना था, जिस पर छह करोड़ की लागत आई थी। लेकिन सात साल बीतने का बाद भी उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। साई के तीन कर्मचारी राजीव गांधी खेल परिसर में बैठते हैं। साई के अतिरिक्त सचिव ने पुष्टि की थी कि उनके विभाग को भवन की जरूरत नहीं है। भवन खेल विभाग के अधीन है, जिला खेल अधिकारी ने भी कहा था कि उन्हें भवन की जरूरत नहीं है। बैठक में बताया गया कि सिविल सर्जन कार्यालय के अधीन सामुदायिक केंद्र वहां से पास ही है। लेकिन उसकी हालत जर्जर है, मरम्मत के लिए 92 हजार रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका है, अधिक बेड वाले अस्पताल की जरूरत पड़ सकती है और साई छात्रावास इसके लिए उपयुक्त है। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया इस भवन को सीएचसी के प्रयोग के लिए केस बनाकर सरकार को भेजा जाए। इसके बदले में सीएचसी का भवन खेल विभाग को दे दिया जाए। ऐसा करने से छह करोड़ से बने छात्रावास का रखरखाव हो सकेगा। वहीं, सीएचसी पर होने वाले एक करोड़ के खर्च की भी बचत होगी। बैठक में लिए फैसले के अनुसार उपायुक्त ने सरकार को पत्र भेज कर 100 बेड का छात्रावास भवन सिविल सर्जन कार्यालय के अधीन सीएचसी को सौंपने का आग्रह किया है।