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सेना के जवान की मुंबई में नौका पलटने से मौत

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नवीन वशिष्ठ।-फाइल फोटो
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रोहतक। सेना में तैनात रोहतक निवासी 25 वर्षीय नवीन वशिष्ठ पदक जीतना चाहता था। फिलहाल वह मुंबई में एशियन गेम की तैयारी कर रहा था, लेकिन 13 दिसंबर को नौका दुघर्टना में वह घायल हो गया। कोमा में रहने के बाद उसकी 21 दिसंबर को मौत हो गई। वीरवार को शव रोहतक पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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नवीन के पिता बनारसी वशिष्ठ ने बताया कि 2015 में नवीन सेना की 100 राइफल रेजिमेंट आर्टलरी में भर्ती हुआ था। वे सेना की तरफ से सेली बोट रेसिंग में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रहे। अभी एशियन गेम की तैयारी मुंबई में कर रहे थे। 13 दिसंबर को तेज हवा के चलते उनकी नौका पलट गई, जिससे वह घायल हो गए। उन्हें मुंबई स्थित सेना के अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। वीरवार को सेना की एक टुकड़ी उनका शव लेकर रोहतक पहुंची। जनता कॉलोनी स्थित नवीन के आवास पर लोगाें की भीड़ जमा हो गई। नवीन अमर रहे के नारे लगते रहे। दोपहर उसका वैश्य संस्था के नजदीक प्राचीन शिव मंदिर की श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया। मेयर मनमोहन गोयल, आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद, वार्ड 18 की महिला पार्षद दीपिका नारा के ससुर देवेंद्र नारा व समाज के अनेक लोग अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। सेना की टुकड़ी ने फायर करके अपने साथी को श्रद्धांजलि दी।
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रिश्ता पक्का हो चुका था नवीन का
परिजनों के मुताबिक नवीन का परिवार मूलरूप से मकड़ौली गांव का रहने वाला है और लंबे समय से जनता कॉलोनी में रह रहा है। उसका कॉलोनी की ही एक युवती से रिश्ता पक्का हो चुका था। उसके पिता ने कहा कि उसे बेटे पर गर्व है।
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नवीन के परिवार को एक करोड़ दे सरकार : जयहिंद
वहीं, शहीद नवीन के अंतिम संस्कार में प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंच सका। मेयर मनमोहन गोयल जरूर पहुंचे थे। आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने सरकार से मांग की है कि शहीद नवीन वशिष्ठ के परिवार को राष्ट्र परिवार का दर्जा देकर एक करोड़ की आर्थिक मदद दी जाए।
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23 सीटीवाई 140
मिजोरम में तैनात बहुअकबरपुर के जवान की मौत
असम राइफल्स में तैनात बहुअकबरपुर के जवान रामपाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। रामपाल असम राइफल्स में हवलदार के पद पर मिजोरम स्थितयूनिट 8 में तैनात रहे। बुधवार रात को साढ़े 11 बजे उनका पार्थिव शरीर रोहतक लाया गया। वीरवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ रामपाल का अंतिम संस्कार किया गया। जेसीएओ प्रदीप कुमार के नेतृत्व में असम राइफल्स की टीम ने श्रद्धांजलि दी। रामपाल को उनके 11 वर्षीय बेटे लक्ष्य ने उनको मुखाग्नि दी। उनकी तीन बेटियां साक्षी, मीनाक्षी, रिंकू तथा पत्नी सुशीला देवी हैं। शहीद रामपाल के भाई रमेश बल्हारा असम राइफल सेना की सेवा करते हुए घायल हो गए थे। उसके बाद उन्होंने वीआरएस लेनी पड़ी थी।
ग्रामवासियों ने कहा कि बहुअकबरपुर के लाल शहीद रामपाल ने अपने दादा हजारी सिंह का नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। एडवोकेट विराट बल्हारा व ग्रामीणों ने सरकार से शहीद परिवार की पत्नी को नौकरी व बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व आर्थिक सहायता देने की मांग की। इस अवसर पर एसएचओ बहुअकबरपुर, राजसिंह, अशोक बल्हारा, सज्जन बल्हारा, एडवोकेट विराट बल्हारा, नरेंद्र, रमेश बल्हारा, वजीर सिंह, दिलावर सिंह, डॉ ओमकार, सज्जन, रमेश, देवेंद्र बल्हारा, राहुल, महाबीर बल्हारा, विजयपाल, पूर्व सरपंच कर्मबीर, ब्लॉक समिति मेम्बर राकेश, एडवोकेट बिजेंद्र नांदल, शमशेर नरवाल, संतोष देवी, भानी देवी, कमलेश, सुदेश व प्रेमवती भी मौजूद रही।
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