अखाड़ा हत्याकांड में आरोपी सुखविंद्र कोच की जेल बदली जाए या नहीं, इस पर एएसजे डॉॅ. गगनगीत कौर की अदालत 13 सितंबर को निर्णय लेगी। शुक्रवार को अदालत ने जेल प्रशासन के दोबारा दिए गए जवाब व दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
फरवरी 2021 में जाट कॉलेज के कुश्ती अखाड़े में मुख्य कोच मनोज मलिक, उसकी पत्नी साक्षी मलिक, बेटे सरजात, मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा, मोखरा निवासी प्रदीप मलिक व मांडोठी निवासी सतीश को गोली मारी गई थी। जबकि मदीना निवासी अमरजीत पर अखाड़े से बाहर फायर किया गया। पांच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि मासूम सरताज की बाद में मौत हुई थी। अमरजीत बच गया था। मामले में पुलिस ने अखाड़े के ही कोच सुखविंद्र को गिरफ्तार किया था, जो अब सुनारिया जेल में न्यायिक हिरासत के चलते बंद हैं। सुखविंद्र के वकील ने 7 सितंबर को एएसजे कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सुखविंद्र को सुनारिया जेल में जान का खतरा है। क्योंकि जेल में मोखरा व मांडोठी के युवक भी बंद हैं। दोनों गांव का उसके केस में संबंध है। ऐसे में उसे रोहतक की सुनारिया जेल की बजाय करनाल या गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजा जाए। अदालत ने जेल प्रशासन से सुखविंद्र कोच की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा था। इस पर 8 सितंबर को जेल प्रशासन ने अपना जवाब दिया था। साथ ही मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से वकील जयंत हुड्डा ने अपनी अर्जी दी थी। अदालत ने जेल प्रशासन से 10 सितंबर को दोबारा जवाब देने के लिए कहा था। शुक्रवार को जेल प्रशासन की ओर से एक अधिकारी अदालत में हाजिर हुए।
जेल अधिकारी बोले, अलग सेल में है सुखविंद्र कोच
मामले में पीड़ित पक्ष के वकील जयंत हुड्डा ने बताया कि शुक्रवार को जेल प्रशासन की तरफ से एक अधिकारी अदालत में पहुंचे थे। अधिकारी ने बताया कि जेल में सुखविंद्र कोच को अलग से सेल में रखा गया है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जबकि सुखविंद्र कोच के वकील ने अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि मोखरा व मांडोठी के युवकों के जेल में बंद होने के चलते सुखविंद्र को दूसरे जेल में स्थानांतरित करना ही उचित होगा। वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील जयंत हुड्डा ने कहा कि सुनारिया जेल में राम रहीम सुरक्षित है तो सुखविंद्र कोच को क्या दिक्कत हो सकती है। बहस के बाद अदालत ने 13 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।