इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत गद्दी खेड़ी व ताजा माजरा के 54 परिवारों को 36 वर्ष बाद प्लाट मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन 18 व्यक्ति ऐसे हैं जिनका निधन हो चुका है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पत्र जारी करके एक माह के अंदर प्लाटों की रजिस्ट्री कराने के लिए आपत्ति मांगी हैं।
80 के दशक में प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में 1985 में केंद्र सरकार ने इंदिरा गांधी आवास योजना लागू की, जिसके तहत एससी-बीसी वर्ग के जरूरतमंद लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके लिए 20 सूत्री कार्यक्रम लागू किया गया। इसमें रोहतक जिले के गांव गद्दी खेड़ी व ताजा माजरा के ग्रामीणों को केंद्र सरकार ने जमीन खरीदकर प्लांट आवंटित किए। कुछ परिवारों के नाम तो प्लाट की रजिस्ट्री करवा दी गई, लेकिन 54 परिवार अब भी प्लाटों के मालिक नहीं बन सके हैं। लोगों ने पहले सीएम विंडो पर शिकायत भेजी। इसके बाद जिला कष्ट निवारण कमेटी में मामला पहुंचा।
उपायुक्त ने एसडीएम राकेश कुमार को मामले की जांच सौंपी, आखिर अभी तक लोगों के नाम प्लाटों की रजिस्ट्री क्यों नहीं कराई गई। एसडीएम ने जांच करवाई तो पता चला कि लंबे समय तक संबंधित परिवार आगे नहीं आए, तो कभी जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी। मामले में प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया। सरकार ने जिला प्रशासन को अपने स्तर पर निर्णय लेने की अनुमति दे दी। अब एसडीएम ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा है। इसके लिए तहसील प्रशासन ने शुक्रवार को पत्र जारी किया। पत्र में साफ किया गया है कि 54 परिवारों के नाम प्लाटों की रजिस्ट्री कराई जानी हैं। अगर किसी को आपत्ति है तो वह एक माह के अंदर तहसील में लिखित में आपत्ति दर्ज कराए।
कोई सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुआ तो कोई करता है मजदूरी
प्रशासन ने गद्दी खेड़ी व ताजा माजरा के 54 परिवारों की छानबीन करवाई तो पता चला कि कई लोग सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि 18 का निधन तक हो चुका है। साथ की कई परिवार मजदूरी करते हैं तो कई गांव से बाहर रह रहे हैं।
जोहड़ी के नजदीक हैं प्लाट
गांव में कुंडू जोहड़ी के नजदीक परिवारों को प्लांट दिए गए थे। कई ने प्लाटों का कब्जा ले लिया था, लेकिन कई अब तक नहीं ले सके। कई का निधन हो चुका है। काफी समय से ग्रामीण प्लाटों की रजिस्ट्री कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। अब उम्मीद जगी है।
- अनिल कुमार, महिला सरपंच के प्रतिनिधि, गांव गद्दी खेड़ी
जल्द होगी रजिस्ट्री
मामला नोटिस में आने पर जांच पड़ताल करवाई गई। जांच के बाद ऐसा कोई कारण नहीं दिखा, जिसके चलते प्लाटों की रजिस्ट्री न हो सके। इसके लिए सरकार से भी अनुमति मिल चुकी है। जल्द प्लाटों की पात्र व्यक्तियों के नाम रजिस्ट्री करवा दी जाएगी।
- राकेश कुमार, एसडीएम, रोहतक
सूची की गई सार्वजनिक
54 परिवारों के नाम प्लाटों की रजिस्ट्री कराने के लिए सूची सार्वजनिक की गई है। अगर किसी को दिक्कत है तो वे एक माह के अंदर लिखित में तहसील कार्यालय में आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद प्लाटों की रजिस्ट्री करवा दी जाएगी।
- जिवेंद्र मलिक, तहसीलदार, रोहतक