कोरोना महामारी के खतरे को लेकर समाज जागरूक हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए टीकाकरण अभियान से लोग लगातार जुड़ रहे हैं। इस दौड़ में बच्चे भी बड़ों से पीछे नहीं हैं। बेटियां भी बढ़ चढ़कर आगे आ रही हैं। यही वजह है कि 12 से 14 वर्ष के 9500 बच्चे वैक्सीन लगवा चुके हैं। यही नहीं 15 से 18 वर्ष के भी 60 हजार से अधिक किशोर व किशोरियों ने वैक्सीन लगवाकर समाज को टीकाकरण कराने का संदेश दिया है।
सरकार ने महामारी से सुरक्षित बनाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इसके तहत लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसी कड़ी में मैंने भी दोनों वैक्सीन लगवा ली है। यह वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। - हिताक्षी, पटेल नगर
कोरोना महामारी की दूसरी लहर जानलेवा साबित हुई है। महामारी का खतरा अभी बना हुआ है। इसलिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग लगातार टीकाकरण अभियान चलाए हुए है। महामारी से बचने के लिए सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए। खुद भी दोनों वैक्सीन लगवा चुकी हूं। - कनिका, पटेल नगर
कोरोना का खतरा बना हुआ है। इस खतरे को देखते हुए बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है। महामारी से अपनी सुरक्षा के लिए कोरबी वैक्स की डोज लगवा ली है। यह किसी तरह से नुकसानदायक नहीं है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। - मानसी, डीएलएफ
जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। इसके तहत बड़ों व बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। लड़का व लड़कियों की अलग संख्या नहीं रखी जा रही है। विभाग का लक्ष्य केवल बच्चों को सुरक्षा चक्र प्रदान करने का है। यह काम जोर शोर से जारी है। अब तक 15 से 18 वर्ष के 60 हजार से अधिक व 12 से 14 वर्ष के 9500 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। - डॉ. भंवर सिंह, नोडल अधिकारी, टीकाकरण