ईजीयू में कार्यालय के बाहर खड़े अभाविप कार्यकर्ता व गेट पर खड़ी पुलिस।
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रेवाड़ी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शनिवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस कर्मियों व विद्यार्थियों में धक्का-मुक्की हो गई। इस बीच एक महिला पुलिसकर्मी ने छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया। इससे विद्यार्थी आक्रोशित हो उठे और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने उक्त पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने देर शाम डीसी के नाम सीटीएम रोहित कुमार को ज्ञापन दिया। वहीं कार्रवाई नहीं होने पर रविवार सुबह फिर से सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
विद्यार्थी संगठनों का कहना है कि मांगों को लेकर 18 अगस्त को एक विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक सप्ताह का समय मांगा था। एक सप्ताह का समय पूरा होने के पश्चात भी विवि ने उनकी मांगें नहीं मानी तो शनिवार को प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कुलपति द्वारा विश्व विद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने आपे से बाहर हो कर छात्राओं पर थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। कुछ देर बाद मामला शांत हुआ और प्रदर्शन शाम करीब 4:00 बजे जारी रहा।
विद्यार्थियों की कुछ मांगों को माना
छात्र नेता सौरभ यादव ने बताया कि विवि प्रशासन द्वारा विद्यार्थी परिषद की कुछ मांगों को छोड़कर अन्य सभी मांगों को मान लिया। मंगलवार तक मानी गई मांगों का नोटिफिकेशन अपलोड करने का आश्वासन दिया गया है। मानी गई मांगों में हाल ही में प्रकाशित किए गए रिजल्ट में जो त्रुटियों को दूर करना, विज्ञान संकाय को छोड़कर बाकी सभी कोर्सेज में परास्नातक में दाखिले लेने के लिए अंकों की शर्त 50 से कम कर 25 करने, सीटों की संख्या घटाकर की गई 20 के स्थान पर 30 से अधिक करना, विषम सेमेस्टर के सभी परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उन्हें स्पेशल चांस के अंतर्गत रीअपीयर की परीक्षा देने का मौका देना शामिल है।
मांगें नहीं माने पर जाने भूख हड़ताल की चेेतावनी
विवि में एक बार फिर से एलएलएम तथा एमए एजुकेशन कोर्स को दोबारा शुरू करने पर सहमति नहीं बन पाई है। परिषद के प्रांत मीडिया संयोजक सौरव यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने हक की आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। पुलिस प्रशासन द्वारा बल प्रयोग करके उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है। रेवाड़ी नगर मंत्री सागर यादव ने कहा कि पुलिस ने न केवल छात्राओं पर हाथ उठाया बल्कि प्रदर्शन के पश्चात भी छात्राओं पर दबाव बनाने का प्रयास किया। जिला संयोजक विनय यादव ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी मांगें न मानी र्गईं तो वे दोबारा विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार रहें। इस बार यदि आवश्यकता पड़ी तो विद्यार्थी परिषद भूख हड़ताल भी करेंगे। महिला पुलिस कर्मी द्वारा छात्राओं पर इस तरह हाथ उठाना बहुत ही निंदनीय है।