दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान।
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रेवाड़ी/ बावल। संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में खेड़ा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रोष जताया। किसान नेताओं ने कहा कि रविवार को दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद हाईवे करने जाम सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के घटक किसान संगठन, भारतीय किसान यूनियन, जय किसान आंदोलन, भारतीय किसान यूनियन चढूनी, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने करनाल घरौंदा में टोल प्लाजा पर बैठे किसानों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भर्त्सना की है। संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने हमले को अलोकतांत्रिक एवं मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किसानों पर बरसाई गईं लाठियां केंद्र एवं प्रदेश सरकार के कफन में कील का काम करेंगी। सरकार के दमन से किसान आंदोलन दबने वाला नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा जिले में जगह-जगह हरियाणा सरकार एवं भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के पुतले फूंककर इसका विरोध प्रकट करेगा। जब तक कृषि कानून, संशोधित बिजली बिल वापस नहीं होते एवं एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बनाया जाता, किसान मजदूरों का यह आंदोलन जारी रखेंगे।
अंग्रेजों के जमाने में भी किसानों पर नहीं हुए इतने अत्याचार
करनाल में किसानों पर किए गए बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में हरियाणा राजस्थान के खेड़ा बॉर्डर पर किसानों ने एकत्रित होकर कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। बॉर्डर पर किसान नेता राजाराम मील, पेमाराम, अमराराम, छगन चौधरी सहित अन्य किसान नेता मौके पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राजाराम मील ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में पर भी इतना किसानों पर अत्याचार नहीं होता था। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक अमराराम ने कहा कि सरकार जवानों और किसानों को लड़ाने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि यदि संयुक्त किसान मोर्चा का आह्वान करे तो पूरे देश में सड़कों का चक्का जाम किया जाएगा।