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अधूरे पड़े गोविंदुपरी के अंडरपास को पूरा करवाने के लिए ग्रामीण लामबंद

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अंडरपास के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए बैठक में भाग लेते ग्रामीण। - फोटो : Rewari
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खोल। रेवाड़ी-नारनौल नेशनल हाईवे पर स्थित गांव गोविंदपुरी के मंदिर में रविवार को अंडरपास संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने अधूरे अंडरपास को शीघ्र बनवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 58 गांवों की पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान ओमप्रकाश यादव व राधेश्याम शर्मा ने की। बैठक में प्रधान ने कहा कि गांव गोविंदपुरी के पास रेलवे लाइन व सड़क के नीचे से अंडरपास बनवाने के लिए 6 वर्ष पहले 4 माह तक लंबा संघर्ष किया गया था। उस समय सरकार ने ग्रामीणों को अंडरवास बनवाने का झूूठा आश्वासन देकर धरना समाप्त करवा दिया था। रेलवे ने अंडरपास बनाने का कार्य शुरू किया, लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी आज तक अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
अंडरपास का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण लोग फिर से आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं। अन्य वक्ताओं ने कहा कि गोंविंदपुरी ऐसा गांव है, जिसका अपना कोई रास्ता नहीं है। खेतों व विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने के लिए जान-जोखिम में डालते हुए 3-3 रेलवे लाइनों को पार कर जाना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि रेलवे द्वारा अधूरा छोड़ा गया अंडरपास से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अंडरपास में बारिश का पानी भरने से साइड से मिट्टी कटाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ग्रामीण जिला उपायुक्त से समस्या को लेकर मिले थे। रेवाड़ी तहसीलदार ने मौके पर आकर रिपोर्ट तैयार कर जल्द समस्या का हल करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही समिति का प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर उपायुक्त से मिलेगा। अगर फिर भी समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाने के लिए 58 गांवों की पंचायत बुला कर फैसला लिया जाएगा।
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