रेवाड़ी। आरटीए ने रेवाड़ी शहर में फर्जी प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा किया है। उन्होंने मामले में बावल रोड स्थित दो पेट्रोल पंपों पर बने प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही जांच शुरू कर दी है।
आरटीए सचिव गजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बावल रोड स्थित ढींगड़ा फिलिंग स्टेशन पर बने सुभाष प्रदूषण केंद्र और एएमबी फ्यूल पंप पर बने पीडी प्रदूषण जांच केंद्र पर ऑफलाइन तरीके से प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। जानकारी को पुख्ता करने के लिए आरटीए की टीम ने दो लोगों को भेजकर दोनों ही प्रदूषण केंद्रों पर प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाए। इस दौरान जांच केंद्र के संचालकों ने दोनों ही प्रदूषण प्रमाणपत्र ऑफलाइन बनाया, जबकि नियम के मुताबिक प्रदूषण सर्टिफिकेट ऑनलाइन बनते हैं। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद आरटीए सचिव ने शिकायत पुलिस अधिकारियों के पास भेजी। पुलिस ने शिकायत की जांच की तो फर्जीवाड़ा मिला। इस पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने दोनों केंद्र संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
प्रदूषण जांच के नाम पर रेवाड़ी में फर्जीवाड़े का खेल पिछले कई वर्षों से चल रहा है। बैक डेट में प्रमाणपत्र बनाने के साथ ही वाहन की जांच किए बगैर ही प्रदूषण बना दिए जाते हैं। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कुछ साल पहले दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बड़े स्तर पर प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन अब फिर से इसी तरह का खेल शुरू हो गया है।
---------
वर्जन:
सूचना मिली थी कि बावल रोड पर दो पेट्रोल पंपों के प्रदूषण जांच केंद्र में फर्जी तरीके से प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इसके आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान मौके पर लोग ऑफलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र बना रहे थे। मामले में दोनों के खिलाफ मॉडल टाउन थाना में केस दर्ज करा दिया गया है।
- गजेंद्र शर्मा, आरटीए