रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार की रात से हो रही बारिश किसानों के लिए राहत और अन्य के लिए आफत बनकर आई है। जहां बारिश फसलों के लिए सोना बनकर बरसी है, वहीं शहर में जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग के अनुसार नौ जनवरी को भी बारिश की संभावना बनी हुई हैं।
जिले में पिछले दो दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते शुक्रवार की रात 2 बजे मौसम पूरी तरह बदल गया और गरज के साथ छींटे पड़ने लगे। बाद में तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। उसके बाद शनिवार की सुबह 7 बजे तक कभी तेज तो कभी धीमी बारिश होती रही। एक घंटे तक बारिश रूकी रही। सुबह 8 बजे बाद से फिर से बूंदाबांदी चालू हो गई। बारिश होने से फसल पर हरियाली नजर आने लगी है। किसानों के चेहरों पर खुशी छलकने लगी है। जिन किसानों ने अभी सिंचाई नहीं की थी। उनके लिए यह बारिश बहुत ही लाभदायक है।
उधर, बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया। इस दौरान कई घरों में गंदा पानी घुस गया। लोगों ने मशक्कत के बाद घरों से गंदा पानी को निकाला। तेज बारिश का सबसे अधिक खामियाजा बाजार के व्यापारियों व दुकानदारों को उठाना पड़ता है। शहर के मुख्य बाजारों में ड्रेनेज सिस्टम, नाले व सीवरेज समस्या के चलते अधिक जलभराव की समस्या रहती है। ऐसे में ग्राहकों की कम आवाजाही होती है। इसके चलते दुकानदारों को व्यापार में नुकसान उठाना पड़ता है। बारिश के चलते शहर के सर्कुलर रोड, नया बाजार, गुर्जरवाड़ा, गुड़ बाजार, मुख्य बाजार, गोकल गेट, केबल बाजार, मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट, रेलवे रोड पर हुए जलभराव के चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बाजार में जलभराव होने से दुकानदारों का भी काम प्रभावित हुआ।
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किसान बोले-पैदावार में होगी बढ़ोतरी
जिले के किसानों का कहना है कि बारिश सभी फसलों के लिए बहुत ही लाभदायक है। इससे फसलों को फायदा ही होगा। यदि बारिश तेज होती है तो सब्जी व दलहन फसलों को नुकसान की संभावना हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में पाला पड़ता है तो यह गेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। जितनी ज्यादा ठंड होगी, उतना ही गेहूं का उत्पादन अच्छा होगा। केवल दलहन व सब्जी की फसलों को पाला से नुकसान होने की संभावना है। पाला से बचाव के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करनी चाहिए।
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जगह बारिश
रेवाड़ी 25 एमएम
मनेठी 34 एमएम
पाल्हावास 32 एमएम
धारूहेड़ा 20 एमएम
डहीना 25 एमएम
बावल 35 एमएम
कोसली 30 एमएम
नाहड़ 27 एमएम
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कोट
बारिश किसानों के लिए सोना बरसा रही है। फसलों को सिंचाई की जरूरत थी। बारिश का पानी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। किसानों की मेहनत बचेगी, वहीं फसलों में बढ़वार और तेजी से होगी।
-डॉ. जोगेंद्र, कृषि वैज्ञानिक।