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सात माह बाद एक दिन में मिले 54 संक्रमित

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रेवाड़ी। जिले में कोरोना संक्रमितों की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को 7 माह बाद सबसे ज्यादा 54 पॉजिटिव केस मिले हैं। इसमें 9 की तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में अभी भी 987 लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को पूरे जिले में 1249 सैंपल लिए हैं। जिले में अब कोरोना पीड़ितों की संख्या 130 पर पहुंच गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 54 संक्रमितों में शहर में 31, बावल में 7, मीरपुर में 11, नाहड़ में 1, गुरावड़ा में 4 पॉजिटिव केस शामिल हैं। जिले में पॉजिटिव केस का आंकड़ा 20 हजार 417 पर पहुंच चुका है, जबकि 20 हजार 29 लोग ठीक हो चुके हैं। साथ ही 258 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। शनिवार को 12 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। फिलहाल जिले में 130 पॉजिटिव केस एक्टिव हैं। साथ ही 987 लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग हैं। इसके अलावा 13 लाख 66 हजार 774 डोज लगाई हैं, जिसमें 5935 डोज शनिवार को लगाई गई।
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मीरपुर गांव बना हॉटस्पाट
गांव मीरपुर कोरोना का हॉटस्पॉट बनाकर उभर रहा है। रेवाड़ी शहर के बाद सबसे ज्यादा केस अगर कहीं मिले हैं, तो वह मीरपुर गांव में मिल रहे हैं। यहां इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी भी हैं, लेकिन अभी तक यूनिवर्सिटी का कोई स्टूडेंट पॉजिटिव नहीं मिला हैं। मगर गांव में हर दिन औसतन 5 पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। जिले में तीसरी लहर के समय में तीन हॉटस्पॉट निकलकर सामने आए हैं, जिनमें पहले नंबर पर रेवाड़ी शहर, दूसरे नंबर बावल और तीसरे नंबर पर मीरपुर गांव शामिल हैं। पिछले 8 दिनों में मिले 140 से ज्यादा केसों में 90 फीसदी इन तीनों ही क्षेत्र से संबंधित हैं।
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संक्रमण बढ़ने का कारण हो सकती है लापरवाही
कोरेेना संक्रमण बढ़ने का सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही दिख रही है। अभी भी लोग मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। पहली और दूसरी लहर में भी इसी प्रकार की लापरवाही का खामियाजा लोग भुगत चुके हैं। यदि अभी भी नहीं संभलें तो स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। यहां कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कहीं नजर नहीं आता। चालान काटने के बजाय जिम्मेदार होना होगा। प्रशासन की ओर से बिना मास्क पहने लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। लोग चालान से बचने के लिए कुछ देर मुंह ढ़क रहे हैं लेकिन स्वयं गंभीर नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा पिछले साल कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते मरीजों को घर पर चिकित्सीय परामर्श की सुविधा देने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी सेवा आरंभ की गयी थी। इसके माध्यम से मरीज घर बैठे ही मोबाइल एप के माध्यम से संबंधित चिकित्सक से अपने रोग से संबंधित परामर्श ले सकता है। ई संजीवनी ओपीडी निर्धारित शेड्यूल अनुसार 24 घंटे उपलब्ध है।
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दिनांक सैंपलिग हुई रिपोर्ट लंबित केस मिले
8 जनवरी 1249 987 54
7 जनवरी 1554 1344 27
6 जनवरी 1653 1437 23
5 जनवरी 1465 1312 15
4 जनवरी 1822 1643 8
3 जनवरी 1763 1566 7
2 जनवरी 1270 1117 8
1 जनवरी 1674 1548 0
31 दिसंबर 1377 1253 2
30 दिसंबर 1606 1444 3
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पोजिटिविटी रेट: 3.77 प्रतिशत
फेटलिटी रेट: 1.26 प्रतिशत
रिकवरी रेट: 98.10 प्रतिशत
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