परिवहन विभाग का रेवाड़ी डिपो बेशक इस समय बसों की भारी कमी झेल रहा हो मगर विद्यार्थियों के रोष को देखते हुए विभागीय महाप्रबंधक ने मांगें मान ली। हालांकि छात्र संगठन इनसो की सड़क जाम करने की चेतावनी के दृष्टिगत मुख्य बस अड्डे पर पुलिस बल तैनात था।
बता दें, आईजीयू मीरपुर के यूनिवर्सिटी अध्यक्ष रवि मसीत अपने साथियों के साथ मुख्य बस अड्डे पर पहुंचे और यहां अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी। छात्रों के विरोध की सूचना मिलने के बाद परिवहन विभाग के डिपो प्रबंधक रविश हुड्डा छात्र नेताओं से मिले और छात्रों की सभी मांगें मान ली गईं। उधर रवि मसीत ने कहा कि इनसो की ओर से उन्होंने आईजीयू मीरपुर रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने, धारूहेड़ा के लिए यूनिवर्सिटी से बस चलाने, केएलपी कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए बसें रुकने और गर्ल्स कॉलेज के लिए बसें चलाने की मांग उठाई है।
बता दें, हजारों युवा इन दिनों स्थानीय कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में पढ़ने जाते हैं। बसों की कमी की वजह से उनको समय पर अपनी कक्षा में पहुंच पाने में परेशानी हो रही है। वीरवार को आईजीयू से काफी छात्र बस अड्डे पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने की नीयत से आए थे मगर परिवहन विभाग के महाप्रबंधक रवीश हुड्डा ने खुद आकर इनकी मांगों को मान लिया और इस संबंध में दोपहर बाद एक पत्र भी जारी कर दिया गया। इनसो के यूनिवर्सिटी वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि यह संगठन विद्यार्थियों की हर जायज मांग को मनवाने के लिए प्रयासरत है। इस मौके पर इनसो पदाधिकारी मनीष, युगल यादव, प्रवक्ता रिजुल, उपेंद्र, दीपक, मंजीत, पूजा, रुचिका प्रीति आदि विद्यार्थी मौजूद रहे।
रेवाड़ी डिपो को चाहिए एक सौ बसें
रेवाड़ी। परिवहन डिपो में लगातार कम होती बसों और यात्रियों की बढ़ती संख्या के मुताबिक परिवहन विभाग को एक सौ से अधिक बसों की जरूरत है। इस डिपो से औसत पांच बसें नकारा हो रही है। उधर कोरोना काल के बाद स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय खुलने के बाद लगातार छात्रों की संख्या बढ़ी है और इनको समय पर अपने शिक्षण संस्थान में पहुंचने के लिए परिवहन सेवा की जरूरत होती है। इनसो ने इस मामले में वीरवार को यहां रेवाड़ी डिपो के प्रबंधक रवीश हुड्डा के सामने नए रूटों पर बस चलाने की मांग भी उठाई है। मौजूदा समय रोडवेज के पास अपनी 107 बसें बताई जाती हैं। किलोमीटर योजना वाली कुछ अन्य बसें भी चल रही हैं मगर उनका संचालन अनियमित बताया जाता है।