फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: शासन को भेजी रिपोर्ट, ओलावृष्टि से 81 गांवों में फसल हुई नष्ट

Wed, 05 Mar 2025 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
फोटो: 01रेवाड़ी। बरसात और ओलावृष्टि के बाद बिछी हुई फसल। स्रोत : ग्रामीण - फोटो : udhampur
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। जिला उपायुक्त ने पिछले दिनों बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसमें बताया गया है कि 81 गांवों में फसल खराब हुई है।
जिला उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है। प्रभावित किसान अब ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब फसल की जानकारी अपलोड कर सकेंगे। जिन गांवों में फसल नष्ट हुई है, उनमें अधिकतर 40 गांव खोल क्षेत्र के हैं। इसके अलावा धारूहेड़ा, रेवाड़ी खंड, बावल और कोसली के कुछ गांव शामिल हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से फसल नुकसान की रिपोर्टिंग की व्यवस्था है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाया है, वे अपने निकटतम कृषि अधिकारी या टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर 72 घंटे के भीतर अपनी फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं।
विज्ञापन

जो किसान इस योजना के तहत पंजीकृत नहीं हैं, वे हरियाणा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना नुकसान का विवरण दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर उनका पंजीकरण अनिवार्य है। ओलावृष्टि से खेतों में सरसों और गेहूं की फसल बिछ गईं है। सरसों की फलियां टूटकर बिखर गईं हैं। गेहूं व सरसों की फसलों को 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि के कारण पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल की टहनियां टूट गई हैं। किसानों के अनुसार इस बार पाले की मार से किसान की फसल बची तो ओलावृष्टि से चौपट हो गई।

ऐसे कर सकते हैं फसल खराब की जानकारी अपडेट
किसान सीएससी या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से पोर्टल पर खराब फसल की जानकारी अपडेट कर सकते हैं। किसान अपने एंड्रायड मोबाइल फोन में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खराब फसल का विवरण अपलोड कर सकते हैं। जिन किसानों के पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है, उनको सीएससी (अटल सेवा केंद्र) का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपना मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो फसल रजिस्ट्रेशन के समय अपलोड करवाया था। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल रजिस्ट्रेशन के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है।
विज्ञापन

-
प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग
आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रधान रामकुमार निमोठ ने कहा कि संगठन ने 5 दिन के अंदर फसल का नुकसान निर्धारित किया जाए और 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। बेहतर मुआवजा मिलेगा तो इससे किसानों की मदद हो जाएगी। वर्तमान में किसानों को मुआवजे से ही उम्मीद है। किसान नेताओं ने बताया कि प्राकृतिक आपदा ने छोटे और बड़े किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। सरकार को तुरंत गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।

वर्जन
किसान अपनी खराब हुई फसल की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करवाएं। पोर्टल पर जानकारी दर्ज करवाने के बाद ही मुआवजा मिलेगा। - दीपक यादव, एसडीओ, कृषि विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें