जिले में पसीने निकालने वाली गर्मी का दौर अब उमस में बदल गया है। मंगलवार की रात रेवाड़ी के आस पास के क्षेत्रों में बीते मंगलवार आधी रात के बाद करीब आधा घंटा बारिश हुई जबकि बुधवार को दिन सूखा रहा। उधर बावल में बुधवार को शाम 4 बजे करीब 20 मिनट बारिश हुई, जिसकी वजह से बावल शहर और बनीपुर चौक के आसपास काफी जगहों पर जल भराव नजर आया। इस बारिश से लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली मगर बुधवार को भी जिले में लोगों के पसीने छुड़ाने वाली गर्मी का दौर जारी रहा। उधर कस्बा धारूहेड़ा और कोसली बीती रात और मंगलवार और बुधवार की बारिश से अछूते रहे।
मौसम वैज्ञानिकों के मत अनुसार बुधवार को प्रदेश में मानसून के आने की आस थी। मंगलवार की रात जिले में कुछ जगह बारिश होने से लोग खुश हुए। उधर बावल में बुधवार को दोपहर बाद आई बारिश खुशी के साथ परेशानी भी लेकर आई। मंगलवार को रेवाड़ी शहर में करीब आधा घंटा बारिश आने के बाद मौसम खुशनुमा रहा। सुबह हवा में नमी रही तथा तेज हवा चलने की वजह से सूरज चढ़ने के साथ दिन गर्म होता चला गया। उधर शाम चार बजे के बाद से जिला मुख्यालय पर आसमान में बादल छाए हुए हैं। हवा गुम है और बारिश होने की उम्मीद बनी हुई है। उधर चौधरी चरणसिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि महाविद्यालय बावल से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिमी खुश्क हवाएं चलने से लगातार तापमान में वृद्घि हो रही थी। बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवाएं, अब प्रदेश में प्रवेश करेंगी, जिससे बारिश होगी।
इस बार 1 से 3 जुलाई के बीच प्रदेश भर में मानसून की अच्छी बारिश होगी। गत वर्ष के मुकाबले इस बार 13 दिन पहले मानसून समय पर पहुंचा है। ऐसा होने से जिला रेवाड़ी, झज्जर, पलवल तथा नूंह मेवात में आज और कल तेज बारिश होने की पूर्ण संभावना है।
गतवर्ष 13 जुलाई को जिला रेवाड़ी में मानसून आया जबकि इस बार पहली जुलाई को मानसून की तेज झड़ी लगने वाली है। मंगलवार की रात से ही मौसम बदल गया है। बुधवार को गर्म हवाएं चलीं। देर शाम बावल शहर में करीब 20 मिनट तेज बारिश भी हुई।
मंगलवार की आधी रात में बारिश से पूर्व ही बिजली गुल हो गई। ऐसा ही जिला मुख्यालय और बावल में बुधवार को देर शाम हुआ। बिजली ने कई बार झटके खाए। जिले में लगातार दूसरे दिन भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ने लोगों को परेशान किया। गत मंगलवार को अधिकतम तापमान 44.2 जबकि न्यूनतम 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि रात को हुई बारिश से पारा 2 डिग्री नीचे गिर गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री जबकि न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देर शाम तक बावल में हुई बारिश का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया।
मानसून की इन बारिशों का फायदा उन किसानों को होगा, जिन्होंने तीन - चार दिन पहले बाजरा या अन्य फसल बोई है। गर्मी की वजह से उनका अंकुर निकल आएगा, जिससे फसल का विकास जल्द होगा। उधर मौसम में बदलाव को देखते हुए अब किसानों ने आसमान की ओर देखना शुरू कर दिया है। अब तेज बारिश होने के बाद की स्थिति पर निगरानी रखने के बाद ही अगली फसल की बुआई की जाएगी क्योंकि इस वक्त बिजाई घाटे का सौदा होगी क्योंकि तेज बारिश में बीज पर मिट्टी की परत कठोर हो जाएगी और बीज को गर्मी नहीं मिलने की वजह से उसका अंकुर नहीं बन पाएगा।
कृषि वैज्ञानिकों की राय है कि अभी किसान फसल बिजाई न करें और चारे वाली जो फसल बोई हैं, उनकी बरसात होने के बाद सिंचाई बंद कर दें। ऐसा नहीं करने से फसल जमीन पर जल भराव के बाद जड़ से गलना शुरू हो जाएगी।
- डॉ. कपूर सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र रामपुरा।