रेवाड़ी। प्रदर्शन के दौरान शनिवार को महिला पुलिसकर्मी द्वारा तीन छात्राओं के साथ मारपीट के विरोध में विद्यार्थियों ने धरना दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से उपायुक्त कार्यालय के सामने रोष जताया गया। एसडीमएम व डीएसपी से मिले आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना दोपहर बाद खत्म कर दिया। धरने के दौरान छात्रों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में विद्यार्थी दो वर्ष पहले लैब व अन्य सुविधाओं का हवाला देकर घटाई गई सीटों के बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान विद्यार्थियों व पुलिस कर्मचारी के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी। इसके बाद विवि की तीन छात्राओं ने धारूहेड़ा थाने में कार्यरत एक महिला पुलिस कर्मचारी पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। वहीं उपायुक्त के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपकर महिला कांस्टेबल को सस्पेंड करने की मांग की थी। नाराज विद्यार्थी रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में सुबह उपायुक्त आवास के बाहर के महिला पुलिस कर्मचारी को निलंबित करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने लगभग 4 घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना दिया और नारेबाजी की। इसके पश्चात डीएसपी अमित भाटिया व एसडीएम रविंद्र यादव विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने अभाविप के कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि भविष्य में पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसी कोई गलती नहीं होगी। इसके बाद अभाविप की ओर से धरना समाप्त किया गया। अभाविप के जिला संयोजक विनय यादव ने कहा कि हमारा संविधान हमें अपनी बात रखने का अधिकार देता है। विद्यार्थी अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। महिला पुलिस कर्मचारी द्वारा छात्राओं पर हाथ उठाना सरासर गलत है। इस अवसर पर प्रांत मीडिया संयोजक सौरभ यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा, लेकिन किसी को भी ज्यादती नहीं करने दी जाएगी। इस दौरान योगेश भारद्वाज, विशाल राव, कपिल कल्याण, विशाल राव , संजू यदुवंशी, आशीष शर्मा, उमेश, युग्म, अविनाश, काजल राजपूत, चिंकी, हर्षा, सीमा व शिवानी सहित अन्य छात्राएं भी उपस्थित रहीं।