एम्स के निर्माण को लेकर माजरा के ग्रामीणों के साथ बैठक करते सीएम मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री राव इ?
- फोटो : Rewari
गांव माजरा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों और प्रशासन को मिलाकर बनाई जा रही सहकारी समिति द माजरा को ऑपरेटिव मल्टी पर्पज सोसायटी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सोसायटी का निरीक्षक सोसायटी के सहायक रजिस्ट्रार को बनाया गया है।
उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने सोसायटी के गठन को लेकर परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को बैठक की। जिसमें सोसायटी के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान किसानों ने प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अपने सुझावों से अवगत कराया। जिसे अधिकारियों ने ध्यानपूर्वक सुना और आगामी कार्यों में उनको शामिल करने का भरोसा दिया। उपायुक्त ने कहा कि यह सोसायटी एम्स परियोजना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास में ग्रामीणों की भागीदारी को सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने बताया कि एम्स के लिए सरकार ने बजट भी आवंटित कर दिया है। किसानों को शीघ्र ही भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की को ऑपरेटिव सोसायटी परियोजना से जुड़े अन्य कार्यों, जिनमें वाणिज्यिक एवं रिहायशी स्थलों को विकसित करने का आपसी सहमति से प्रबंधन किया जाएगा। इस कार्य में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा।
एम्स को लेकर चार माह में चार महत्वपूर्ण घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस परियोजना को लेकर विशेष रुचि ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 28 जुलाई को खुद ही परियोजना स्थल का दौरा किया था। 27 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग से किसानों की प्रमुख मांग, जिनमें 40 लाख रुपये प्रति एकड़ व वाणिज्यिक व रिहायशी परिसर विकसित करने में सहयोग को सांविधानिक मंजूरी प्रदान की। उन्होंने किसानों की विभिन्न मांगों के समन्वय के लिए सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। डॉ. बनवारी लाल ने भी आठ अक्तूबर को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में किसानों से बातचीत की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 13 अक्तूबर को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की उपस्थिति में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उच्च स्तरीय बैठक हुई।