रेवाड़ी। शहर के सेक्टर-3 में एक पांच वर्षीय बच्चे पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चा कुत्तों से बचने के लिए चीखते हुए सड़क पर भागता नजर आ रहा है। समय रहते एक कार चाल ने लगातार हॉर्न बजाने से कुत्ते पीछे हट गए और बच्चे की जान बच गई।
यूकेजी में पढ़ने वाला बच्चा गर्मी की छुट्टियों में अपने नाना के घर आया हुआ था। मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह अपने एक दोस्त को घर छोड़कर लौट रहा था। तभी 7-8 कुत्तों के झुंड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। घबराया बच्चा जान बचाने के लिए दौड़ा लेकिन कुछ दूरी पर गिर गया। इसी दौरान एक कुत्ते ने उसके पैर पर दो जगह काट लिया। डर के कारण बच्चा जमीन पर घुटनों के बल चलकर खुद को बचाने की कोशिश करता रहा।
बच्चे के नाना सेवानिवृत्त आर्मी कैप्टन विजय सिंह यादव ने बताया कि बच्चे को तुरंत उपचार दिलाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाए गए हैं। घटना के बाद से बच्चा काफी सहमा हुआ है और घर से बाहर निकलने से डर रहा है।
यदि कार चालक हॉर्न न बजाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं सेक्टर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह यादव ने कहा कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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केस 1 :
हाल ही में कोसली क्षेत्र के गांव गुड़ियानी में आवारा कुत्तों ने एक बकरी और मुर्गी फार्म पर हमला कर भारी नुकसान पहुंचाया था। देर रात हुए हमले में 170 मुर्गियां और 13 बकरे-बकरियां मारे गए। फार्म संचालक घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे।
लौटने पर फार्म में 10-12 कुत्ते मिले।
सिविल अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मामले आ रहे :
कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। सिविल अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मामले आ रहे हैं।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव के अनुसार वर्ष में लगभग छह महीने कुत्तों का प्रजनन काल होता है। इस दौरान यदि उन्हें छेड़ा जाए तो वे आक्रामक हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों में डॉग बाइट के मामले अधिक सामने आते हैं।
रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने पर तुरंत घाव को साबुन और पानी से धोना चाहिए तथा बिना देरी किए एंटी-रेबीज टीका लगवाना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम हो सकता है।