रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में नवजात शिशुओं की देखभाल के साथ अब उनकी माताओं के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में 10 रेडिएंट वार्मर मशीनें हैं। इनमें से चार के साथ माताओं के लिए भी बेड लगाए गए हैं। इससे गंभीर नवजात शिशुओं की माताएं उनके पास रहकर देखभाल कर सकेंगी। पहले बेड की व्यवस्था नहीं होने से माताओं को इधर-उधर ठहरना पड़ता था।
वहीं, अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए अमृत फार्मेसी स्टोर और वीटा मिल्क बूथ तैयार किए जा रहे हैं। दोनों का काम तेजी से चल रहा है और इनके एक नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है। अमृत फार्मेसी पर ब्रांडेड दवाइयों, कैंसर व हृदय रोग की दवाओं और स्टेंट सहित मेडिकल इंप्लांट पर 40 से 90 प्रतिशत तक छूट मिलने का दावा है। इससे मरीजों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।
इसके अलावा धारूहेड़ा की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड करने की योजना है। बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में सीएचसी के लिए कई स्थानों का निरीक्षण किया है। इससे क्षेत्र के लोगों को नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
पिछले दो वर्षों में रेवाड़ी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में धीरे-धीरे एक बदलाव दिखाई देने लगा है। हालांकि नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू होने में देरी हो रही है, लेकिन ढांचागत सुविधाएं बढ़ी हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक बेहतर बनाने के लिए जिले के 20 स्वास्थ्य संस्थानों में नए भवनों के निर्माण एवं अन्य कार्यों के लिए कुल करीब 27 करोड़ 35 लाख की राशि से काम चल रहा है। इनमें जिला नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरपुर में विशेष मरम्मत के कार्य पूरे हो चुके हैं।
वर्जन
कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। नए भवन अगले डेढ़ साल में मिल जाएंगे।-डॉ. नरेंद्र दहिया, सीएमओ।