रेवाड़ी। भारतीय सेना में अहीर रेजीमेंट के गठन की मांग को लेकर गांव धामलावास के बस अड्डे पर जारी भूख हड़ताल और धरने में वीरवार को रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे ग्रामीणों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि अहीर रेजीमेंट हमारा हक है और हम इसे लेकर रहेंगे। अहीर समाज की यह 125 साल पुरानी मांग है, जो बार - बार उठाई जाती रही है लेकिन अब वक्त आ गया है कि पूरे देश में यह मांग एक साथ उठे।
चिरंजीव ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन बनने के बाद पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने छह राज्यों को दौरा किया और वहां इस मांग को जोर शोर से उठाया। राजस्थान के उदयपुर में होने वाले कांग्रेस के चिंतन शिविर में भी कैप्टन अजय अहीर रेजीमेंट बनाने की मांग उठाएंगे। विधायक ने कहा कि उन्होंने अहीर रेजीमेंट बनवाने को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था और हरियाणा विधानसभा में यह मामला भी उठाया कि प्रदेश सरकार इस मांग को पूरा करने का एक प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भिजवाए। उन्होंने कहा कि अहीर रेजीमेंट बनने से युवाओं को रोजगार मिलेगा। कौम को अलग से पहचान और सम्मान मिलेगा। इससे कौम के बहाए गए खून को वीरोचित सम्मान मिलता है।
उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी के 20 प्रतिशत लोग अहीर समाज से हैं और 1857 की क्रांति में राव गोपाल देव और राव तुलाराम के नेतृत्व में अंग्रेजों के दांत खट्टे किए थे। इसके अलावा प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, नसीबपुर का युद्ध के अलावा रेजागंला युद्ध हो या फिर संसद पर हमला हो, अक्षरधाम पर हमला सभी में अहीरों ने शहादत दी है। इतनी शहादत देने के बाद भी आज तक अहीर रेजीमेंट नहीं बनाई गई है। इसलिए अब सभी एक होकर अहीर रेजीमेंट बनाने के लिए प्रयास करें। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों के हराने में अहीरों को अहम योगदान रहा था इसलिए अंग्रेजों ने अहीर रेजीमेंट को नही बनने दिया था। लेकिन अब इस मुहिम को देश भर में फैलाया जाएगा। देश के सभी राजनीतिक और गैरराजनितिक संगठनों से भी सहयोग मांगा जाएगा। क्योंकि यह किसी व्यक्ति विशेष का कार्य न होकर सर्व समाज का है। इसलिए सभी राजनीतिक पाटियों के नेताओं व समाजिक संगठनों को एक होकर एक रेजुलेशन पास करके महामहिम राष्ट्रपति के पास सौंपना चाहिए।