संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में अब सरकारी स्कूलों में हरियाली बढ़ाई जाएगी। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए पृथ्वी दिवस के मद्देनजर जिले के सभी 642 स्कूलों में अभियान चलाकर 2100 पौधे लगाए जाएंगे। शिक्षा विभाग का यह अभियान 22 अप्रैल तक चलेगा। इन पौधों की देखभाल प्रत्येक विद्यार्थी के जिम्मे लगाई जाएगी। इनमें पीपल, बड़ और नीम के पौधे शामिल होंगे। पौधरोपण से पर्यावरण प्रदूषण कम होगा। इसके साथ ही आमतौर पर पनपने वाली सांस जैसी बीमारियों से लोगों को छुटकारा मिलेगा।
बता दें कि 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से प्रदूषण को खत्म करने के लिए विद्यार्थियों के माध्यम से पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। स्कूल का प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधा लगाने के साथ ही उसके पालन की भी जिम्मेदारी लेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को पौधों की भूमिका और भारतीय संस्कृति में त्रिवेणी के महत्व के बारे में बताया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 642 स्कूलों में 396 प्राइमरी, 96 मिडिल, 54 हाई स्कूल व 96 सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। निदेशालय ने इस संबंध आदेश जारी किए हैं। जिसके लिए सभी स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी कर दिए हैं। पर्यावरण संरक्षण की इस कड़ी में बच्चों को एक पौधे के पेड़ का रूप लेने और उससे फल मिलने तक की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। पौधगीरी कार्यक्रम के तहत स्कूलों में पहले ही हर साल मानसून के दौरान छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों से पौधे रोपित करवाए जा रहे हैं।
मिलेगी ऑक्सीजन
उन्होंने बताया कि हम एक मिनट में सांस के द्वारा औसतन आठ लीटर हवा ग्रहण करते हैं जिसमें 20 प्रतिशत आक्सीजन होती है। जब हम सांस छोड़ते हैं तो उसमें 15 प्रतिशत आक्सीजन वापस निकल जाती है। इस प्रकार हम प्रति मिनट 400 मिली लीटर आक्सीजन सांस के माध्यम से ग्रहण करते हैं जो 24 घंटे में 576 लीटर बनती है। हालांकि औसतन 550 लीटर आक्सीजन प्रति व्यक्ति माना जाता है। वहीं, एक पेड़ एक साल में 117.93 किलोग्राम आक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
वर्जन:
सभी स्कूलों में बड़, पीपल और नीम के पौधे लगाए जाएंगे। शिक्षा विभाग का यह अभियान 22 अप्रैल तक चलेगा। इस संबंध में सभी स्कूलों में पत्र जारी कर दिए गए हैं।
-अशोक नामवाल, जिला गणित विशेषज्ञ रेवाड़ी।