जिला स्वच्छता सर्वेक्षण में काफी पीछे चला रहा है। दो साल पहले की बात करें तो 2020 में रेवाड़ी की स्वच्छता रैंकिंग 118 थी, वहीं पिछले साल यह रैंक 190 पर पहुंच गई थी। पिछले साल रेवाड़ी को ओडीएफ प्लस का दर्जा तो मिल गया था, लेकिन आज भी सीवर सिस्टम पूरी तरह से फेल है। हर गली-हर मोहल्ले में सीवर ओवरफ्लो की समस्या है। इतना ही नहीं शहर में दर्जनों स्थानों पर कचरा सड़क पर ही फैला रहता है, जिसमें पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। प्रशासन की ओर से कचरा प्रबंधन को लेकर कूड़ा इकठ्ठा करने के लिए गाड़ी तो लगा दी, लेकिन कचरों के ढेर के आगे स्वच्छता रैंकिंग ढेर हो रही है। यही स्थिति रही तो जिले में स्वच्छता रैंकिग में सुधार होना असंभव सा है।
बाजारों में रहता है सफाई का अभाव
शहर के मुख्य बाजारों में सफाई का अभाव है। बाजार में सिर्फ गोकल गेट के समीप सार्वजनिक शौचालय बनाया हुआ है, जहां पर सफाई का अभाव है। दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी होती है। सफाई रैंकिंग में जिला पिछड़ रहा है, हम सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
सुभाष अग्रवाल, प्रधान, गोकल बाजार सेंटर एसोसिएशन
शहर में सुधार की बहुत गुंजाइश है। सफाई कर्मचारियों को अपनी भूमिका ठीक तरह से नही निभा रहे हैं। लोगों को भी सफाई के लिए जागरूक होना होगा। सफाई को लेकर शासन व प्रशासन की ओर नियम तो बना दिए जाते हैं, लेकिन पूरी तरीके अनुपालन नहीं हो पाता है। शहर में जगह-जगह डंपिंग प्वाइंट है, जो कर्मचारी कचरा उठाने आते हैं, पूरी तरीके से कचरा नहीं उठाया जाता है। डस्टबिन कूड़े से भरे रहते हैं, जिसे खाली नहीं किया जाता।
-सतीश यादव, प्रधान, सेक्टर-4 मार्केट एसोसिएशन
युुवाओं ने भी दी अपनी राय
शहर की सबसे बड़ी समस्या गंदगी है। हम सभी को समझना होगा की गंदगी से फैल रही बीमारियों का सामना हमें ही करना पड़ रहा है। इससे हम और हमारे परिवार वाले बीमार पड़ रहे हैं। सफाई को लेकर हम सभी को जागरूक होना होगा।
प्रशांत प्रतीक, रेवाड़ी
हमें सूखे ओर गीले कचरे को अलग-अलग करना चाहिए। कचरे को खुले में न फेंके, प्लास्टिक का इस्तेमाल न करे। हम इसमें सरकारी कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। इसके अलावा हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि जिले को स्वच्छता रैंकिंग में ऊपर लेकर आएं।
-घनश्याम सैनी, रेवाड़ी
सरकार भी आम लोगों की सुने जैसे कि कैटल फ्री करे। प्रशासन की ओर से डोर-टू-डोर कचरा उठाने की सुविधा सुबह व शाम को होनी चाहिए। शहर में डस्टबिन ज्यादा से ज्यादा लगाएं व उसको रखरखान किया जाए। हमारा शहर एक तरह से साफ हो सकता है आम जन सरकार की सुने और सरकार आम जन की समस्याओं पर काम करे। लोग भी स्वच्छता को लेकर सख्ती से पालन करें।
-दीप शर्मा, स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर
शहर में जगह-जगह डंपिंग प्वाइंट बने हुए है। प्रशासन की ओर से नियमित रूप से कूड़ा उठाना चाहिए, ताकि वहां पर कूड़े के ढेर नही लगें। इसके अलावा हमें स्वच्छता को लेकर अपनी पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी हमारी स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा।
-नीरज सैनी, रेवाड़ी
हम सभी को पता है कि स्वच्छता रैंकिंग में जिला पीछे आ गया है। इसके लिए हमें जरूरी कदम उठाने होंगे। प्रशासन व लोगों को साथ मिलकर काम करना होगा। हम लापरवाही बरतेंगे तो कैसे जिले को स्वच्छ बनाऐंगे। हम सभी जिलावासियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
-शम्मी, रेवाड़ी
लोगों की अधिकतर बीमारियां गंदगी की वजह से होती है। हमें अपने आसपास शहर को साफ व सुंदर बनाएं रखने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। जब इंदौर स्वच्छता रैंकिंग में नंबर एक पर आ सकता है तो रेवाड़ी के लोग भी प्रयास करें तो स्वच्छता रैंकिंग में सुधार ला सकता है।
-डॉ. अनुराधा सैनी