रेवाड़ी। औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा के गांव नंदरामपुर बास में बुधवार रात ट्रांसफार्मर से उठी चिंगारी से भीषण आग गई। आग लगने से आधा दर्जन घरों का ईंधन, सैटरिंग व घरेलू सामान जलकर राख हो गया। इस दौरान आग बुझाने के प्रयास में दो व्यक्ति बुरी तरह से झुलस गए। रात को सूचना पाकर धारूहेड़ा थाना पुलिस और खुशखेड़ा व धारूहेड़ा दमकल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तीन गाड़ियों की मदद से करीब चार घंटे के बाद आग पर काबू पाया।
दमकल कर्मियों के अनुसार बुधवार की रात को ईश्वर के मकान के पास लगे ट्रांसफार्मर में चिंगारी उठने से पास रखे ईंधन में आग लग गई। आग ने देखते ही देखते महाबीर, श्रीराम, हरीश, रामपत, शेरसिंह, सुभाष व ईश्वर के ईंधन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख ईश्वर ने दमकल केंद्र व थाना धारूहेडा पुलिस को सूचना दी। आग लगने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से भड़क गई।
ग्रामीणों ने बताया कि ईंधन घरों के पास ही रखा हुआ था और आग फैलते हुए वहां बने घरों तक पहुंच गई। आग से पहले निर्माणाधीन मकान की सैटरिंग को अपने चपेट में ले लिया। घरों तक पहुंची आग को बुझाने के प्रयास में गांव निवासी रामपत व रामनिवास बुरी तरह से झुलस गए। कई घरों की बिजली की केबल, पानी की टंकी, कूलर व अन्य घरेलू सामान जल गया। धारूहेड़ा व खुशखेड़ा से पहुंची दमकल की टीमों ने चार घंटे के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई करने की गुहार लगाई है।
दमकल अधिकारियों का कहना है कि वह लोगों से कई बार अपील कर चुके हैं कि वे बिजली के तारों व ट्रांसफार्मर के पास ईंधन न रखें। समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और अग्नि से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत होकर खुद जागरूक रहें। ताकि ऐसी घटनाएं घटित नहीं हों।
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जिले में कब-कब लगी आग
- शहर के दिल्ली रोड पर 19 अप्रैल को बॉस नामक कार मरम्मत एवं सुधार केंद्र में आधी रात के वक्त भीषण आग लगी थी, जिसमें चार कारें पूरी तरह जल गई थीं, जबकि पांच अन्य कारों को काफी नुकसान हुआ था। इस आग में कारों की कीमत के अलावा लाखों रुपये का अन्य सामान जलकर राख हो गया था।
- 4 अप्रैल को औद्योगिक क्षेत्र बावल के सेक्टर-3 में बीज निर्माता कंपनी में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी, जिसमें लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया था।
- नगर के कोनसीवास रोड पर झुग्गियों में 4 अप्रैल को खाना बनाते वक्त छोटे सिलिंडर में आग लगी, जिसमें पांच झुग्गियां जलकर राख हो गई थी। इस घटना में एक महिला जिंदा जलने से बाल - बाल बच गई थी। बता दें, जिले और शहर में आग लगने की घटनाओं में अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है, मगर लगातार होती ऐसी घटनाएं आम लोगों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को चौकन्ना होने का इशारा जरूर दे रही हैं।
- 23 अप्रैल की अल सुबह दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित गांव जड़थल में यूनिप्रोडक्ट कंपनी के गोदाम में आग लगने से वहां रखा सारा सामान और तैयार उत्पाद जलकर स्वाहा हो गया था। इस आग को बुझाने में पांच घंटे, एक लाख लीटर पानी, तीन फायर बिग्रेड गाड़ी व 14 कर्मचारी लगे थे।
- 24 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शहर के सर्कुलर रोड स्थित ब्रह्मगढ़ के सामने दो दुकानों में भीषण आग लग गइ थी। दुकानों में रखे 25 मोबाइल फोन सहित लाखों रुपये का माल खाक हो गया था। दमकल केंद्र कर्मियों द्वारा आग को एक घंटे में बुझाया गया था।
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कोट
रात को करीब 11 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। आग बुझाने के लिए रेवाड़ी, धारूहेड़ा और खुशखेड़ा से तीन गाड़ियां भेजी गई। चार घंटे में कर्मचारियों ने आग बुझा दिया था। - मामचंद शर्मा, सहायक अग्निशमन अधिकारी।