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निर्णय के खिलाफ कर्मचारियों का धरना शुरू

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रेवाड़ी। दो साल पूर्व कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिला आणविक प्रयोगशाला में अनुबंध पर नियुक्त किए गए तीन दर्जन से अधिक कर्मचारियों में दो फाड़ होने के बाद अब केवल 19 कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध धरना शुरू कर दिया है।
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शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष सांवतराम ने धरने में जाकर इन कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए। भारतीय मजदूर संघ के भिवानी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी मंडल के विभाग प्रमुख सांवतराम ने कहा कि उनकी संस्था सदैव कर्मचारियों के हित में और जनता के कल्याण के निर्णय लेती है। सरकार के साथ कर्मचारियों की मांगों को लेकर मेज पर बैठकर अहम निर्णय लेती रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में इन कर्मचारियों ने बेहतर काम किया और जिसकी गवाह आम जनता भी बनी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खत्म हो जाने के बाद इनको सेवा से हटा दिया जाना सही नहीं। सरकार से मांग है कि इनको एनएचएम के तहत स्थायी तौर पर रोजगार पर लगाया जाए।
इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले इन कर्मचारियों ने उनको हटाए जाने के निर्णय को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने देश और जनता के लिए जब अपने प्राणों की परवाह नहीं की। अपने परिवारों के जीवन को दांव पर लगा दिए तो सरकार को भी उनके बारे में सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। संघ के प्रधान नितिन चौहान ने कहा कि इन युवा साथियों के पीछे परिवार है। कोरोना में उनकी सेवाओं में अगर कमी रही हो तो सरकार हमें सेवा से हटाती तो इतना दुख नहीं होता मगर अब कोरोना का प्रभाव कम होते ही हटा दिया जाना गलत है। कर्मचारी प्रियंका ने कहा कि सरकार ने केवल अपना फायदा देखा कि कोरोना काल में इनसे काम करा लो और बाद में धक्के मार देना। अब कोरोना का प्रभाव कम हुआ तो हमारी रोजी-रोटी पर संकट आ गया। सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से अन्य युवाओं का भी सरकार से विश्वास उठ जाएगा।
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