शहर के लोगों को इस बार दीपावली पर्व पर पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार रेवाड़ी शहर को एक नवंबर से पानी मिलना था, लेकिन रोहतक जिले में नहर पर बनाए जा रहे पुल के कारण शहर को 5 नवंबर तक पानी मिलने की उम्मीद है।
शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16-24 का है। 24 दिन तक पानी बंद रहता है। मानसून आने से पूर्व शहर में हर माह पानी के लिए राशनिंग की जा रही थी। शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा था, लेकिन मानसून के दौरान शहर में पानी आना बंद नहीं हुआ और पिछले 3 माह से लगातार नहर में पानी आ रहा था। वहीं नहर में 12 अक्तूबर से पानी आना बंद हो गया था। एक सप्ताह तक विभाग ने शहर में पानी कटौती नहीं की। उसके बाद विभाग में दीपावली पर्व पर शहर के लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के लिए राशनिंग शुरू की गई थी। इसके साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग ने अपने ट्यूबवेल के जरिये वाटर डैम में पानी स्टोरेज करने की व्यवस्था की, पर लंबे समय तक ट्यूबवेल के जरिये भी पानी की सप्लाई नहीं हो सकती है। क्योंकि रेवाड़ी में पानी की खपत काफी ज्यादा है। वाटर डैम में पानी पर्याप्त नहीं है।
डैम में बचा तीन फुट पानी
शहर में अभी जल संकट बना हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग के डैम में सिर्फ 3 फुट पानी बचा है। रेवाड़ी में प्रतिदिन 22.32 करोड़ लीटर पानी की खपत है। जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए 12 दिनों से एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की सप्लाई की जा रही है। जवाहर लाल नेहरू कनाल में 5 नवंबर को पानी आने की संभावना है। यदि पानी नहीं पहुंचा तो फिर और भी ज्यादा मुश्किल खड़ी हो सकती है। जन स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी के रामगढ़ रोड पर वाटर स्टोरेज की अतिरिक्त व्यवस्था के लिए वाटर टैंक बनाने की स्वीकृति दी थी। बाद में पंचायत ने वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के लिए प्रस्तावित जमीन को वापस ले लिया था, जिस कारण स्वीकृति मिलने के 3 साल बाद भी अभी तक जन स्वास्थ्य विभाग दूसरा विकल्प नहीं तलाश पाया है। जिस कारण समय के साथ शहर में पेयजल समस्या का संकट बढ़ता जा रहा है। फिलहाल विभाग के पास शहर में पेयजल सप्लाई के लिए 15 से 20 दिन तक वाटर सप्लाई की व्यवस्था है।
कुछ हिस्सों में तीन दिन से पानी की नहीं हुई सप्लाई
शहर में कई हिस्सों में पिछले तीन दिन से पानी की सप्लाई नहीं मिली। इससे पहले इसी साल जनवरी व मार्च महीने में नहर में पानी आने में देरी के चलते डैम खाली हो गए थे। उस वक्त भी शहर में डार्क जोन जैसी स्थिति देखने को मिली थी। विभाग ने शहर के अलग-अलग हिस्सों के लिए शेड्यूल बनाकर पानी की सप्लाई करने के साथ ही वाटर टैंकों के जरिये मोहल्लों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की थी। नहर में पानी आने में देरी के चलते इस बार त्योहार के सीजन पर जल संकट की स्थिति बनती दिख रही है।
नहर पर बन रहे पुल की वजह से शहर में बना जल संकट
प्रदेश के रोहतक जिले में जवाहरलाल नेहरू नहर पर पुल बनाया जा रहा है। जिसके चलते शहर को सोमवार को नहरी पानी नहीं पहुंच पाया। जानकारी के अनुसार मंगलवार तक पुल का कार्य पूरा हो जाएगा। वहीं 3 नवंबर से पानीपत से नहरी पानी शुरू हो जाएगा तथा 5 से 6 नवंबर के बीच रेवाड़ी शहर की नहर में पानी पहुंच जाएगा।
5 नवंबर को नहर में पानी आने की संभावना है। तब तक पानी की सप्लाई बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लिया जा रहा है। नहर में पानी आने में देरी हुई तो समस्या बढ़ सकती है, जिससे निपटने के लिए हर संभव तैयारी कर रहे हैं। -अजय यादव, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।