पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने तेल पाइप लाइन में चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के नौ बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। जिनमें से ज्यादा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। आरोपियों ने हरियाणा में रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत व झज्जर के अतिरिक्त दिल्ली व उत्तर प्रदेश में भी दर्जनों वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 गाड़ियां भी बरामद की है। जिसमे 2 बड़े टैंकर जिसमें एक में कुल 22 हजार लीटर जो कि लगभग 21 लाख रुपये का पेट्रोल भरा हुआ था तथा एक टैंकर खाली था। इसके अलावा दो टाटा 409 कैंटर जिनमें कुछ प्लास्टिक व लोहे के ड्रम रखे हुए थे। जिनमें कुछ पेट्रोलियम पदार्थ से भरे हुए हैं। एक कैंटर में 12 प्लास्टिक की केन बरामद हुईं, जिनमें कुछ खाली व कुछ भरी हुई हैं।
गिरोह के सदस्य वारदात करने की जगह पर पहले 2-3 दिन रेकी करते थे तथा निश्चित होने के बाद ये मिस्त्री हरीश को बुलाते थे जो कि वेल्डिंग का काम करता है। पाइप लाइन में सुराख करने तथा वाल्व लगाने में एक्सपर्ट है। आरोपी हरीश पाइप लाइन में सुराख करके उसमें वाल्व लगाकर मिट्टी से भरे कट्टों से दबा देता था तथा अगले दिन पूरी टीम आकार पाइपलाइन में लगे हुए वाल्व से टैंकर में तेल भरते थे। हरीश प्रत्येक पाइप लाइन में सुराख करके वाल्व लगाने के 50 हजार रुपए लेता था।
हरीश 2017 से तेल चोरी का काम कर रहा है तथा इस पर पहले भी तेल चोरी के 9-10 मुकदमें दर्ज हैं। आरोपी दिल्ली तथा झज्जर की जेल में भी लगभग 26 महीने बंद रहा है और 2020 में जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही हरीश की मुलाकात सुनील उर्फ बांडा व दिनेश राठी से हुई और हरीश से कहा की हम सब मिलकर तेल चोरी का काम करना चाहते है। तेरे जैसा वेल्डर नहीं है जो तेल की पाइप लाइन में सुराग करके वाल्व लगा सके। जेल मे रहने के कारण हरीश की हालात खस्ता हो गई थी इस वजह से उनके साथ काम करने की हां कर दी।
एसपी के अनुसार, शुरूआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बहादुरगढ़ के एक एरिया में चोरी किया हुआ तेल बेचते थे। जहां तेल बेचा जाता था, उसकी भी पहचान कर ली गई है। साथ ही इस गिरोह के 2 और लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। एसपी ने बताया कि अभी एक साल की सिर्फ 12 वारदातों का ही पता चला है। कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। उसके बाद और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस आरोपियों से और अधिक जानकारी जुटाने के लिए गहनता से पूछताछ कर रही है। बाकी बचे आरोपियों की धरपकड़ के लिए तथा वारदात में प्रयोग किए गए उपकरण व वाहन बरामद करने के लिए सीआईए की टीम हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के संदिग्ध ठिकानों पर निरंतर छापे मार रही है और जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश करके तीन दिन का पुलिस रिमांड पर लिया है।