वैरिफिकेशन के लिए इंस्पेक्टर शिवपाल सिंह ने दो हजार रुपये की डिमांड की थी, जिसे देने के लिए संजीव तैयार हो गया, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना विजिलेंस को कर दी।
हरियाणा के रेवाड़ी में विजिलेंस ने जीएसटी इंस्पेक्टर शिव पाल सिंह को दो हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। घटना ततारपुर इस्तेमुरार की दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे की है। विजिलेंस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जानकारी अनुसार गांव ततारपुर इस्तमुरार निवासी संजीव कुमार ने व्यवसाय के उद्देश्य से एक फर्म बनाई है तथा फर्म की लोकेशन गांव में ही दिखाई गई है। इस फर्म के लिए संजीव को जीएसटी नंबर की आवश्यकता थी, उन्होंने जीएसटी नंबरों के लिए टैक्स विभाग में आवेदन किया था।
जीएसटी नंबरों के लिए विभागीय अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर वैरिफिकेशन की जाती है। इसी वैरिफिकेशन के लिए इंस्पेक्टर शिवपाल सिंह ने दो हजार रुपये की डिमांड की थी, जिसे देने के लिए संजीव तैयार हो गया, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना विजिलेंस को कर दी।
विज्ञापन
धारूहेड़ा के बीडीपीओ करतार सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए विजिलेंस इंस्पेक्टर नवल किशोर शर्मा के नेतृत्व में छापा मारने के लिए टीम का गठन किया गया। दूसरी ओर फर्म की वैरिफिकेशन के लिए टैक्स इंस्पेक्टर शिवपाल सिंह गांव ततारपुर इस्तमुरार पहुंचे, जहां संजीव ने उन्हें दो हजार रुपये सुविधा शुल्क के तौर पर दे दिए।
साथ ही विजिलेंस को भी इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही विजिलेंस ने धावा बोलते हुए शिवपाल सिंह को मौके से रंगे हाथों धर-दबोचा तथा उसे विजिलेंस कार्यालय ले आई। जहां उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। विजिलेंस इंस्पेक्टर नवल किशोर शर्मा ने बताया कि फर्म वैरिफिकेशन के लिए टैक्स इंस्पेक्टर ने दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।