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एक क्लिक पर मिलेगा राजस्व विभाग का संपूर्ण अपडेट रिकॉर्ड : डॉ. बनवारीलाल

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बावल तहसील में नकल शाखा का शुभारंभ करते सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। अंत्योदय उत्थान वर्ष में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में हरियाणा तेजी से कंम्यूटरीकरण की ओर बढ़ते हुए नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बावल के पुराने राजस्व अभिलेखों को कंप्यूटरीकृत किया गया है। अब बावल तहसील में कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही आमजन को अपडेट रिकॉर्ड आसानी से बिना किसी झंझट के उपलब्ध हो सकेगा। उक्त बातें सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहीं हैं। वह वीरवार को बावल तहसील में राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित नकल शाखा का शुभारंभ करने पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि अब आमजन मानस को जमीन से संबंधित जमाबंदी, फर्द, या इंताकाल से संबंधित दस्तावेजों की नकल के लिए चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों को प्रशासन की ओर से सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार का डिजीटलाइजेशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पारदर्शी व दूरगामी सोच के चलते हरियाणा सरकार ने सिस्टम को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाते हुए आईटी यानि इंर्फोमेशन टेक्नॉलॉजी के माध्यम से प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है और प्रदेशवासियों को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देकर फील गुड का अहसास कराया है। प्रदेश में अंत्योदय व सबका साथ-सबका विकास की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जा रहे हैं और योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने आईटी व डिजिटल माध्यम से सेवाओं का सरलीकरण किया है, जिससे अंत्योदय की भावना को बल मिला है।
नकल शाखा है पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत : एसडीएम
एसडीएम बावल संजीव कुमार ने बताया कि बावल तहसील में स्थापित की गई नकल शाखा पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत है, जिससे राजस्व रिकार्ड ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अब किसानों व आमजन को जमीन की फर्द व इंतकाल सहित अन्य राजस्व संबंधित रिकार्ड एक क्लिक पर मिलेगा और उन्हें तहसीलदार व पटवारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रिकॉर्ड डिजिटल होने के बाद एक क्लिक पर डाटा मिल जाएगा, इससे आम आदमी को भी सहूलियत होगी। राजस्व रिकार्ड के डिजिटाइजेशन होने से इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
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