खोल। अंतरराष्ट्रीय काव्य रंगोली नवचेतना जागृति साहित्यिक संस्था गोरखपुर उत्तर प्रदेश ने कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर अखिल भारतीय प्रेमचंद काव्य सृजन प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन किया। जिसमें देशभर के साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया।
जिला रेवाड़ी के गांव खालेटा के साहित्यकार भूपसिंह भारती ने भी मुंशी प्रेमचंद के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान पर हरयाणवी बोली में तीन कुडलिया छंद लिखकर साहित्यिक संस्थान के पटल पर भेजकर ऑनलाइन प्रतिभाग किया। मंच के महासचिव दयानंद त्रिपाठी निराला ने बताया कि ऑनलाइन प्राप्त रचनाओं की समीक्षा डॉ. इंदु झुनझुनवाला बेंगलुरु एवं मधुशंख धर प्रयागराज ने की। रविवार को मंच पर ऑनलाइन सम्मान समारोह किया गया। जिसमें देशभर से प्रेमचंद पर उत्कृष्ट सृजन करने वाले साहित्यकारों को प्रेमचंद साहित्य भूषण सम्मान से नवाजा गया। खालेटा, रेवाड़ी के साहित्यकार भूपसिंह भारती को भी उनके उत्कृष्ट सृजन के लिए प्रेमचंद साहित्य भूषण सम्मान मिला। मंच के राष्ट्रीय संरक्षक नन्दलाल मणि त्रिपाठी पिताम्बर गोरखपुरी ने सभी साहित्यकारों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भूपसिंह भारती ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम हिंदी के प्रचार प्रसार व पोषण के लिए बहुत जरूरी है। भूपसिंह भारती पिछले 23 वर्षों से साहित्य की सेवा में जुटे हुए हैं और कई बार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा अपने लेखन कार्य के लिये सम्मानित हो चुके हैं।