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Rewari: सीआईए का एक और इंस्पेक्टर एसीबी ने किया गिरफ्तार; रिश्वत को लेकर दोनों ने बनाई थी योजना, पढ़ें मामला

Mon, 05 Feb 2024 01:02 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

रेवाड़ी में सीआईए 3 की टीम ने रेड करते हुए क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने के लिए चलाई जा रही बुक का खुलासा किया था। मामले में अजीत सिंह 30 लाख रुपये और फॉर्चून गाड़ी की मांग कर रहा था। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इंस्पेक्टर अजीत को गिरफ्तार किया है।
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इंस्पेक्टर अजीत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सीआईए-3 में तैनात सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। अजीत सिंह पर आरोप है कि इंस्पेक्टर अनिल कुमार के साथ रिश्वत राशि लेने के लिए पीड़ित पर वह भी दबाव बना रहा था। एसीबी की टीम ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि अजीत सिंह 30 लाख रुपये और फॉर्चून गाड़ी की मांग कर रहा था। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इंस्पेक्टर अजीत को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की थी।

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दरअसल, शुक्रवार को जब सीआईए-3 के इंस्पेक्टर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया था, तब पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह भी रिश्वत के लिए साथ में ही दबाव बना रहा था। उसके बाद इंस्पेक्टर अजीत सिंह से एसीबी ने पूछताछ शुरू की और रिश्वतकांड का खुलासा किया। फिलहाल दोनों ही आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया गया, अदालत ने दोनों इंस्पेक्टर को जेल भेज दिया है। 

अजीत सिंह ने अनिल से मंगवाई थी रिश्वत
रिमांड के दौरान यह भी खुलासा हुआ की 30 लाख रुपये दोनों इंस्पेक्टर ने मिलकर मांगे थे। चार लाख रुपये में आकर बात बनी थी। आरोपियों पर कार्रवाई करने की प्लानिंग अजीत सिंह ने रची थी, अजीत पीड़ित सचिन को पहले से ही जानता था। उसने इंस्पेक्टर अनिल कुमार के जरिए रिश्वत मांगी
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थी। इंस्पेक्टर अनिल को एकता सोसायटी से गिरफ्तार किया गया था। अजीत इसी सोसाइटी में रहता है। 

शुक्रवार को इंस्पेक्टर अनिल कुमार को किया था गिरफ्तार
शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मौके पर इंस्पेक्टर अनिल से 3 लाख 75 हजार रुपये की राशि रिश्वत की बरामद की थी। पूरा मामला एक मुकदमे को लेकर था। जिसमें इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने केस में फंसाने का डर दिखाते हुए चार लाख रुपये की डिमांड की थी। इसकी जानकारी पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को दी थी। उसके बाद शुक्रवार को टीम बनाकर कार्रवाई की गई थी। अनिल कुमार से जब पूछताछ की गई तो अजीत को लेकर भी खुलासा हुआ। 

सट्टेबाजी के आरोप में सीआईए ने तीन लोगों को किया था गिरफ्तार
गुरुग्राम एसीबी इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि शहर के मॉडल टाउन थाना में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में सीआईए की टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच इंस्पेक्टर अनिल कुमार के पास थी। इस दौरान अनिल ने गांव कालाका निवासी सचिन कुमार को केस में फंसाने की धमकी देते हुए चार लाख रुपये की डिमांड की।

मामले की जानकारी सचिन ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी तो एक टीम बनाकर कार्रवाई अम्ल में लाई गई। आरोपी इंस्पेक्टर अनिल कुमार को टीम ने एक सोसाइटी से पकड़ा है, जहां पर पीड़ित ने पैसे देने के लिए बुलाया था। पूछताछ में मालूम चला कि पूरा खेल अजीत सिंह ने रचा था। दोनों को ही गिरफ्तार कर लिया गया है और जेल भेज दिया गया है। 

ये है पूरा मामला
28 जनवरी की रात को शहर के उत्तम नगर स्थित एक घर में सीआईए 3 की टीम ने रेड करते हुए क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने के लिए चलाई जा रही बुक का खुलासा किया था। पुलिस ने मौके पर से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। जो आरोपी पकड़े गए थे इसमें से एक की जमानत सचिन ने कराई थी। उसके बाद से ही सीआईए की टीम ने सचिन पर नजर रखनी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर अनिल सचिन को परेशान करने लगा। परेशान होकर इसकी जानकारी एसीबी को दी गई। एसीबी ने शुक्रवार को जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए आरोपी इंस्पेक्टर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था।

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