पंजाब और हरियाणा के बीच भाखड़ा नहर के पानी को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है। आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू को आड़े हाथों लेते हुए केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार पर पंजाब के हितों के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। कंग ने कहा कि पंजाब ने हरियाणा को उसका पूरा हक का पानी दे दिया है, लेकिन अब पंजाब में पानी की कमी के चलते अतिरिक्त पानी देना संभव नहीं है।
वहीं, रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जब पूरा देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, तब सीएम भगवंत मान पानी के मुद्दे पर राज्यों को बांटने का विकल्प चुन रहे हैं। पंजाब के पानी की एक भी बूंद नहीं दी जाएगी, लेकिन यह राजनीतिक दिखावा करने का समय नहीं है।
हरियाणा की मांग और पंजाब का सख्त रुख
हरियाणा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के जरिए पंजाब से 8500 क्यूसेक पानी की मांग की है। जवाब में पंजाब सरकार ने साफ कर दिया कि वह पहले ही मानवीय आधार पर 4000 क्यूसेक पानी दे रही है, जबकि हरियाणा ने अपने कोटे से 103% पानी का उपयोग कर लिया है। दूसरी ओर, पंजाब को केवल 89% पानी मिला, जो सभी राज्यों में सबसे कम हिस्सेदारी है। सांसद कंग ने कहा कि पंजाब के बांधों में जलस्तर सामान्य से नीचे है, और खरीफ सीजन के लिए पानी की भारी जरूरत है। ऐसे में 8500 क्यूसेक पानी देना तकनीकी रूप से भी असंभव है, क्योंकि भाखड़ा मेन लाइन नहर की कुल क्षमता सिर्फ 10,000 क्यूसेक है।
केंद्र और बीजेपी पर साजिश का आरोप
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद कंग ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बीबीएमबी के जरिए पंजाब की नुमाइंदगी खत्म करने और हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। कंग ने बिट्टू को निशाने पर लेते हुए कहा, "आपको पंजाब के हकों से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता है। केंद्र की बीजेपी सरकार को नसीहत दें कि वह पंजाब के साथ अन्याय बंद करे। हरियाणा के मुख्यमंत्री को सलाह दें कि वह पानी का सही उपयोग करें।"
पंजाब की मांग: वैज्ञानिक और न्यायसंगत जल बंटवारा
पंजाब सरकार ने पानी को अपनी जीवनरेखा बताते हुए किसी भी कीमत पर अतिरिक्त पानी न देने का ऐलान किया है। सरकार ने बीबीएमबी से वैज्ञानिक और न्यायसंगत जल बंटवारे की मांग की है। कंग ने कहा कि यह पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि पंजाब के अधिकारों की रक्षा की जंग है। हरियाणा की मांग राजनीति से प्रेरित लगती है।
हरियाणा का जवाब और गहराता विवाद
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीबीएमबी की तकनीकी समिति ने 23 अप्रैल को 8500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया था, जिसे लागू करना पंजाब की जिम्मेदारी है। सैनी ने चेतावनी दी कि यदि पानी नहीं मिला तो हरियाणा के पांच जिलों में पेयजल संकट गहरा सकता है।