इनेलो ने पंजाब-हरियाणा जल विवाद और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हरियाणा की कमजोर नुमाइंदगी को लेकर बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सिंचाई मंत्री राम पाल माजरा ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता कर पानी की किल्लत, बीबीएमबी में हरियाणा के हितों की अनदेखी और केंद्र की कथित असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
बीबीएमबी में हरियाणा की हिस्सेदारी पर सवाल
माजरा ने कहा कि पहले बीबीएमबी में हरियाणा का एक सदस्य होता था, जो पानी के प्रबंधन की निगरानी करता था और सरकार को पूरी जानकारी देता था। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति करवाने में नाकाम रही है, जिससे हरियाणा के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी में हरियाणा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसकी अनदेखी की गई।
पंजाब और केंद्र पर निशाना
पंजाब द्वारा भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले 9,500 क्यूसेक पानी को घटाकर 4,000 क्यूसेक करने पर माजरा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि पानी का बंटवारा पंजाब नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के अधीन बीबीएमबी करती है। माजरा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर सीधे केंद्र सरकार से बात करें और हरियाणा का हक सुनिश्चित करें।
उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप नेता अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। माजरा ने कहा कि केजरीवाल ने पहले एसवाईएल का पानी पंजाब का बताया था। दिल्ली में हार के बाद अब वे पंजाब में राजनीति कर रहे हैं। यह जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है।
पाकिस्तान को पानी और बीजेपी की नाकामी
माजरा ने केंद्र की बीजेपी सरकार को असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि आज भी 1,600 क्यूसेक पानी पाकिस्तान को जा रहा है, जबकि हरियाणा के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडस वाटर ट्रीटी के निलंबन के बावजूद पानी का यह प्रवाह रोका नहीं गया। बीजेपी सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, जिससे हरियाणा के किसानों को नुकसान हो रहा है।