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यमुनानगर: एशियन गेम्स में परमिंद्र ने रोइंग में जीता कांस्य पदक, अर्जुन अवार्डी पिता से ली ट्रेनिंग

Mon, 25 Sep 2023 12:50 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

परमिंद्र सिंह ने दो साल पहले एशिया चैंपियनशिप के सिंगल स्कल में सिल्वर मेडल, नेशनल प्रतियोगिता के डबल स्कल में गोल्ड मेडल हासिल किया है। अब यमुनानगर के पहले खिलाड़ी हैं जो एशियन गेम्स में भाग लिया है और कांस्य पदक जीता है।
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एशियन गेम्स में भाग लेते परमिंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुनानगर के गांव शाहपुर 302 के साधारण परिवार के किसान व पूर्व सरपंच अमरीक सिंह के घर पर जन्मे उनके पौत्र युवा खिलाड़ी परमिन्द्र सिंह चीन में आयोजित 19 वीं एशियन गेम्स में क्वाड्रल स्कल में कांस्य पदक हासिल किया।

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एशियन गेम्स में भाग लेने वाले जिले के पहले खिलाड़ी हैं
परमिन्द्र सिंह के कांस्य पदक जीतने की खबर मिलते ही अमरीक सिंह के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। दादा अमरीक सिंह ने कहा कि सुबह बिना कुछ खाऐ पिए अपने परिवार के साथ गुरू की अरदास करने के बाद सुबह आठ बजे टीवी के सामने अपने पोते की एशियन गेम्स की प्रतियोगिता को देखने के लिए बैठ गए थे। लगभग पौने नौ बजे जैसे ही परमिन्द्र सिंह की टीम ने दो किलोमीटर की दूरी को पार करके कांस्य पदक हासिल किया। पूरे घर में खुशी व उत्साह का माहौल बन गया।

दादा अमरीक सिंह ने बताया कि परमिंद्र का पिता इंद्रपाल सिंह उसे रोइंग का प्रशिक्षण दे रहा है। राेइंग के डबल स्कल में परमिंद्र सिंह के साथ पंजाब के बठिंडा का सतनाम सिंह भाग लेगा। वहीं क्वाड्रल स्कल में परमिंद्र सिंह के साथ पंजाब के मानसा के सतनाम सिंह, राजस्थान के भरतपुर का जाकिर खान, पंजाब के मानसा का सुखमीत सिंह फाइनल में अपना दमखम दिखाएंगा। परमिंद्र सिंह की बचपन से ही खेलों में रुचि रही है। लॉकडाउन के दौरान घर पर भी छुट्टियों में सुबह व शाम दो से तीन घंटे का शारीरिक अभ्यास करता था।
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एशियन के बाद ओलंपिक गेम्स पर रहेगी नजर
खिलाड़ी परमिंद्र पहले बॉस्केट बॉल का प्लेयर रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल इस खेल में प्रतिनिधित्व किया। एक दिन जब पिता इंद्रपाल सिंह के साथ रोइंग में भाग लिया तो परमिंद्र की रुचि रोइंग में बढ़ गई। इसके बाद वे रोइंग प्रतियोगिता में भाग लेते आ रहे हैं। एशियन गेम्स के बाद उनका लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक गेम्स पर रहेगी। उल्लेखनीय है कि परमिंद्र सिंह ने रोइंग की महारत अपने पिता व कोच अर्जुन अवार्डी इंद्रपाल सिंह से हासिल की है।

ये हासिल कर चुका पदक
परमिंद्र सिंह ने दो साल पहले एशिया चैंपियनशिप के सिंगल स्कल में सिल्वर मेडल, नेशनल प्रतियोगिता के डबल स्कल में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसके अलावा नेशनल चैंपियनशिप में सात गोल्ड मेडल, रोइंग अरगोमीटर में एशिया और राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल सहित अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल हासिल किए हैं।

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