पानीपत/समालखा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हुनर और कौशल के माध्यम से युवाओं को लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। अक्सर लक्ष्य हासिल न होने पर युवा गलत संगत और नशे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने नशे को विश्वव्यापी बुराई बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए कार्य कर रही है। युवाओं को भी बेहतर समाज के निर्माण में योगदान के लिए आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को पानीपत के समालखा स्थित भोड़वाल माजरी गांव स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल में निरंकारी युवा संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि युवाओं में ऊंची उड़ान भरने का लक्ष्य रहता है, लेकिन कठिनाइयों और असफलता से वे तनाव के शिकार हो जाते हैं। फिर गलत व्यक्तियों की संगति और नशे का सेवन उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है। उन्होंने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है। यही कारण है कि पांच मई को अपने जन्म दिवस पर उन्होंने नशामुक्त हरियाणा का संकल्प लिया है। उन्होंने युवाओं से भी इसके लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा कि नशा समेत अन्य सामाजिक बुराइयों को केवल सरकार अपने स्तर पर खत्म नहीं कर सकती। इसके लिए समाज का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि नशा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने और नशा तस्करों की कमर तोड़ने में युवा सहयोग दें। उनके पास नशा तस्करों के खिलाफ कोई सूचना हो तो तत्काल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सूचना दें। नशा तस्कर न केवल पैसे के लालच में युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि आतंकवाद जैसी देश विरोधी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने में संलिप्त रहते हैं। इस मौके पर निरंकारी मिशन की प्रमुख सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज भी संगोष्ठी में मौजूद रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कारण से दिशा भटक कर नशे की लत का शिकार हुए युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए उनके साथ खड़े होकर सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है। यदि कोई युवा नशे का आदी हो गया हो तो उसे पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से सही दिशा दिखाई जा सकती है। समाज का हर वर्ग ऐसे युवाओं का सहयोग कर नशे की लत से बाहर लाए।