फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहीदों की फोटो पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

विज्ञापन
इसराना। नौल्था में शहीद रामकिशन व शहीद महासिंह की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि देते हुए प? - फोटो : Panipat
विज्ञापन
इसराना। अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन व जयहिंद क्रांति दल संगठन के संयुक्त तत्वाधान में में शहीदी दिवस पर वीरवार को गांव नौल्था के शहीद द्वार पर तिरंगा फहराया गया। भारत पाकिस्तान के बीच 1965 में हुए युद्ध में शहीद हुए नौल्था के लांस नायक रामकिशन व लांस नायक महा सिंह की स्मृति में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। शहीद द्वार के लिए परिजनों ने रिबन काटा।
विज्ञापन

नौल्था की चौपाल में आयोजित कार्यक्रम में दोनों शहीदों की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी गई। अध्यक्षता संगठन के महासचिव डॉ. सतबीर सिंह सहरावत ने की। बतौर मुख्यातिथि शहीद रामकिशन के भाई दया सिंह व विशिष्ठ अतिथि विधायक बलबीर वाल्मीकि रहे। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने शहीद रामकिशन व शहीद महा सिंह की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि अर्पित की। विधायक बलबीर वाल्मीकि व संगठन के सदस्यों ने शहीद रामकिशन के भाई दया सिंह, रामचंद्र, सेवा सिंह, पौत्र अरुण, बहन धनपति व शहीद महा सिंह के पुत्र रणबीर सिंह को सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर विधायक वाल्मीकि ने घोषणा करते हुए कहा कि वह शहीदों के हर गांव, जहां अभी तक स्मारक नहीं बना, इसे बनवाने के लिए मदद करेंगे। उन्होंने नौल्था में दोनों शहीदों के स्मारक निर्माण में सहयोग देने के लिए 21-21 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर कार्यक्रम में स्कूलों बच्चों ने देश भक्ति पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में भारत पाकिस्तान के बीच हुए तीनों युद्ध में लोहा लेने वाले सुरजभान शर्मा वासी बांध भी शामिल हुए। डॉ. सतबीर सिंह सहरावत ने बताया कि नौल्था निवासी रामकिशन व महा सिंह 1965 में भारत पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में शहीद हो गए थे। देश के लिए दिए गए उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विज्ञापन

इस मौके पर डॉ. सतबीर सहरावत, रणधीर जागलान, संदीप दीक्षित, जयभगवान फौजी, रामनिवास शर्मा फौजी, अजय भूककर, धर्मपाल, सुखपाल पलड़ी, इंद्रावती गोहाना, नीरज कौशिक, जितेंद्र जागलान, राजबीर शर्मा, दया राम, रणबीर सिंह, धनपति, सुखबीर जागलान व सुरजभान शर्मा बांध मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें