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नई घोषणाओं का स्वागत पर पिछली बजट की योजनाएं पूरी न होने का मलाल

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पानीपत। राज्य का बजट मंगलवार को पेश किया गया। पिछली बार बजटीय भाषण में सात और इस बाद छह जगह पानीपत का जिक्र आया। पिछले बजट में पानीपत के लिए जिन योजनाओं का जिक्र किया गया, उसमें से एक को छोड़कर कोई पूरी नहीं हो सकी।
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पानीपत-दिल्ली मार्ग को आठ लेन करने की योजना अभी पूरी नहीं हुई है। वर्ष 2017 में घोषणा के बाद से लोगों रैपिड रेल का इंतजार है, अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही दो बार सिटी बस सेवा फेल होने के बाद फिर से इसकी शुरुआत के लिए पानीपत को चुना गया है।
वर्ष 2022-23 के बजट की घोषणाओं पर एक नजर
रैपिड रेल का वर्ष 2017 से है इंतजार
बजट में रैपिड रेल ट्रांसिट सिस्टम को लाने में तेजी आने की उम्मीद बंधी है। दिल्ली से पानीपत एवं करनाल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की परियोजनाएं शुरू करने की बात की गई। हालांकि इस योजना को मंजूरी 19 जुलाई 2017 को मिली, 13 मार्च 2020 को डीपीआर बना और 18 जनवरी 2021 को आरआरटीएस कॉरिडोर को हरियाणा सरकार ने स्वीकृति दी। इसी वर्ष 12 मार्च को करनाल तक तीन स्टेशन बढ़ाए गए। इसके बाद से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ी है।
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श्रमिकों के स्वास्थ्य पर दिया गया ध्यान
श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर बजट में ध्यान दिया गया है। पानीपत औद्योगिक नगरी है, ऐसे में यह एक जरूरी कदम है। प्रदेश के छह जिलों में श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के लिए औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशाला स्थापित होंगी, जिनमें से एक पानीपत में बनाई जाएगी।
कॉमन स्टीम बॉयलर प्रदूषण पर लगाएगा लगाम
उद्यमियों की सबसे बड़ी कॉमन स्टीम बॉयलर की मांग को बजट में शामिल किया गया है। एक ही बॉयलर से सभी उद्योगों को भाप मिलेगी। फैक्टरी मालिकों को अपने लिए अलग से बॉयलर नहीं लगाना होगा, जिसमें प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल होने से प्रदूषण हो रहा था। इस तरह प्रदूषण पर लगाम लगेगी और उद्यमियों को अपना बॉयलर लगाने में लाखों खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए खुलेगा स्कूल
प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का शिक्षित नहीं हो पाना एक बड़ी समस्या था। इस दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है। प्रदेश के चार जिलों में प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए स्कूल खुलेंगे, जिसमें से एक स्कूल पानीपत में होगा है।
पानीपत से दिल्ली का मार्ग आठ लेन
पानीपत से दिल्ली तक राष्ट्रीय राज मार्ग को आठलेन किया जाना है। पानीपत के क्षेत्र में आना वाला करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, जबकि पानीपत से आगे सोनीपत तक कई जगहों पर अभी काम जारी है। बजट में इसके जिक्र साथ ही इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
इलेक्टिक सिटी बस सेवा मिलेगी
दो बार सिटी बस सेवा की शुरुआत की गई, लेकिन फेल हो गई। अब फिर से सिटी बस सेवा की आस बंधी है। इसे बसट में शामिल किया गया और पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाई जाएंगी, जिससे प्रदूषण भी कम होगा।
वर्ष 2021-22 के बजट की घोषणाओं की स्थिति
करनाल में निरीक्षण एवं प्रमाण केंद्र नहीं खुलने से लाभ नहीं
परिवहन वाहनों की फिटनेस के लिए पानीपत के लोगों रोहतक जाना होता है। पिछले बजट में करनाल, सोनीपत, अंबाला, हिसार, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव था। जो पूरा नहीं हो सका। इसका लाभ पानीपत को मिलता।
पांच सौ एकड़ भूमि पर पौधरोपण की घोषणा ही हुई पूरी
इसराना हलके के गांव ग्वालड़ा ने पौधरोपण के लिए 500 एकड़ पंचायती जमीन सरकार ने उपलब्ध कराई, जहां पर भारतीय तेल निगम लिमिटेड, पानीपत रिफाइनरी ने सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से पौधरोपण किया। वर्ष 2021-22 के बजट की सिर्फ योजना पूरी हो सकी है।
कूड़े से ऊर्जा बनाने का संयंत्र नहीं लग सका
कूड़े से बिजली बनाने के लिए 6.77 मेगावाट क्षमता के संयंत्र लगाने का काम पूरा नहीं हो सका। इसके लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन लागू किया जाना था। इसके लिए सोनीपत-पानीपत क्लस्टर का निर्माण होना था, जो पूरा नहीं हो सका। अप्रैल-2021 तक इसके शुरू होने का दावा किया गया था।
नहीं शुरू हुआ एक्सप्रेस-वे का काम
पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर जाने एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया था, जिस पर काम शुरू नहीं हो सका है। यह एक्सप्रेस-वे पानीपत- सफीदों- नगूरां- उचाना- प्रभुवाला-भूना -सरदूलगढ़-कालांवाली-मंडी डबवाली को जोड़ने वाला था। पानीपत-दिल्ली तक आठ लेन काम भी वर्ष 2021-22 के बजट में शामिल किया गया था।
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