फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम : सर्द हवा ने बढ़ाई ठंड

विज्ञापन
पानीपत। दिनभर छाए रहे आसमान में बादल, स्वैटर व शॉल ओढकर जाती हुई युवतियां। - फोटो : Panipat
विज्ञापन
पानीपत। दिसंबर महीने की शुरुआत होते ही हवाएं सर्द होने लगी हैं। मौसम में बदलाव से ठंड बढ़ने लगी है। वीरवार को भी आसमान में बादल छाए रहे और तापमान गिर गया। अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
विज्ञापन

दोपहर बाद कुछ स्थानों पर हुई छिटपुट बूंदाबांदी से ठंड का मिजाज और बढ़ गया। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक हफ्ते में बारिश सहित तेज हवाएं चलने के आसार हैं। शनिवार तक ऐसा ही मौसम रहने का की संभावना जताई गई है।
पांच और छह दिसंबर को बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में धुंध पड़ेगी और सर्द हवाएं चलेंगी। पांच और छह दिसंबर को बारिश की संभावना है। बारिश होते ही स्मॉग से राहत मिल जाएगी लेकिन इसके बाद शीतलहर चलने से ठंड में भी जोरदार इजाफा होगा और न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री तक आ सकता है।
विज्ञापन

रात के बाद गिरने लगा दिन का भी तापमान
सर्दी में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। रात के बाद अब दिन के तापमान में भी गिरावट आने लगी है। वीरवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। पानीपत का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सर्दियों के इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हवा में नमी का स्तर 54 प्रतिशत रहा। वहीं, हवा की गति भी 6 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
आने वाले तीन से चार दिनों में तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस गिरावट आ सकती है। शनिवार तक बादल छाए रह सकते हैं। रविवार व सोमवार को बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में भी अपेक्षाकृत कमी दर्ज की गई। बारिश होने के बाद ठंड बढ़ने व शीतलहर चलने के आसार हैं। - डॉ. डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।
स्मॉग की वजह से हवा की गुणवत्ता फिर हुई खराब
पानीपत। स्मॉग की वजह से वीरवार को जिले में हवा की गुणवत्ता भी बेहद खराब रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर 275 तक पहुंच गया। इससे पहले 30 नवंबर को 34 दिनों के बाद शहर को प्रदूषण से राहत मिली थी। 25 अक्तूबर के बाद मंगलवार को शहर का एक्यूआई ग्रीन जोन में पहुंचा था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की जहरीली हवा में हृदय, फेफड़ों की बीमारी, बुजुर्ग एवं बच्चों ज्यादा वक्त तक रहने से बचना चाहिए क्योंकि प्रदूषित हवा से स्वास्थ्य और बिगड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होगी तभी अब हवा में मौजूद विषैले तत्वों से राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि इससे पूर्व 30 नवंबर को हवा की गुणवत्ता में सुधार रिकार्ड किया गया था। करीब 34 दिनों के बाद प्रदूषण स्तर ग्रीन जोन में आया था और लोगों को थोड़ी राहत मिली थी लेकिन फिर से वही हालात होने लगे हैं। मंगलवार को एक्यूूआई 100 दर्ज किया गया था वहीं दो दिन बाद ही यह बढ़कर 275 तक पहुंच गया। इससे पहले रात को बढ़ी ठंड और चलने वाली हवाओं से स्मॉग छटने से हालात सुधरे थे।
कार्रवाई जारी रहेगी, नहीं चलने देंगे जनरेटर
एनजीटी ने जनरेटर सेट व निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया है। उनकी टीमें लगातार फील्ड में निरीक्षण कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। मंगलवार को 10 फैक्टरियों का निरीक्षण किया गया था। ग्रैप के नियमों का पालन जारी रहेगा। - कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें