लोक निर्माण विभाग की ओर से दिल्ली पैरलल नहर के किनारे दो करोड़ की लागत से तीन फुट लंबा क्रैश बैरियर लगाया जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के साथ ही टेंडर भी जारी कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि सितंबर से इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। नहर किनारे क्रैश बैरियर बनने से वाहनों की सुरक्षा हो सकेगी और लोगों को हादसों में जान नहीं गंवाना पड़ेगा।
दिल्ली पैरलल नहर और यमुना पश्चिमी लिंक नहर दोनों साथ हैं। दोनों के बीच एक मार्ग बनाया गया है। यह मार्ग करनाल से होते हुए पानीपत और फिर सोनीपत से होकर गुजरता है। यहां रोज हजारों वाहन गुजरते हैं, लेेकिन न स्ट्रीट लाइट है न ही क्रैश बैरियर। ओवरटेक करने या पशु के सामने आने पर वाहन चालक सीधा नहर में जाकर गिरता है। स्थिति यह है कि पिछले छह माह में 12 लोग नहर में गिरकर जान गंवा चुके हैं। हाल ही में 20 अगस्त को यूपी, बागपत से ट्रैक्टर पर सवार होकर जिया उररहमान, अब्बास, आदिल और इशरत तीनों हरियाणा में पराली खरीदने आए थे। सुबह करीब चार बजे जब वह नहरी विभाग के कार्यालय के सामने पहुंचे तो उनके सामने पशु आ गया और वह असंतुलित होकर नहर में जा गिरे। हादसे में तीन लोग तैरकर बाहर निकल गए, जबकि इशरत-25 नहर में बह गया, जिसकी अभी तलाश की जा रही है।
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए समालखा निवासी दिल्ली पुलिस में तैनात एक एसआई ने इस मु्द्दे को उठाया था, जिसके बाद प्रस्ताव बनाकर विभाग ने मुख्यालय भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद अब दो करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया में 11 फर्मों ने भाग लिया है। सभी फर्मों के दस्तावेज चेक किए जाएंगे और उसके बाद वित्तीय बिड खुलेगी, जिसमें रेट तय होने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया में दो हफ्ते तक का समय लगेगा और उसके बाद क्रैश बैरियर लगाने का काम शुरू होगा। सबसे पहले संवेदनशील क्षेत्र गोहाना रोड से लेकर सिवाह गांव तक नहर किनारे दोनों ओर तीन-तीन फुट क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
वर्जन:
नहर किनारे क्रैश बैरियर लगाने के लिए दो करोड़ का टेंडर लगाया गया है, 11 फर्मों ने इसमें हिस्सा लिया है। जांच के बाद संबंधित फर्म सितंबर से काम शुरू कर सकेगी।
- रामपाल जागलान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी