पानीपत। प्रदेश सहित जिले के लोग भी उमस और गर्मी का टॉर्चर झेल रहे हैं। रही सही कसर बिजली के कट लोगों का पसीना निकाल पूरी कर रहे हैं। मानसून की देरी और बरसात न होने से किसानों का धान रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि मानसून का इंतजार खत्म होने वाला है। बृहस्पतिवार 30 जून को झमाझम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की मानें तो बुधवार को भी उमस भरी गर्मी सता सकती है। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं, ऐसे में बारिश की संभावना बन रही है।
प्रदेश सहित जिले के लोग उमस भरी गर्मी का टॉर्चर झेल रहे हैं। अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास बना है। नमी की मात्रा 38 प्रतिशत तक बनी हुई है। पानीपत में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों में बारिश हो सकती है। 29 जून की रात या 30 जून को मानसून दस्तक दे सकता है।
किसान रतन सिंह, धर्म सिंह, रामफल, राजेश आदि ने बताया कि बारिश न होने से उनका धान रोपाई को लेकर खर्च बढ़ता जा रहा है। धान के खेत सूख रहे हैं और उनमें दरारें पड़ गईं हैं। बिजली एक तो कम आ रही है, दूसरे वोल्टेज इतना कम रहता है कि ट्यूबवेल भी नहीं चल पा रहे। उन्हें केवल बारिश का इंतजार है।
उमस में बिगड़ा बिजली का शेड्यूल, गांवों और शहर में हालात खराब
उमस भरी गर्मी, मौसम के प्रभाव और बिजली की बढ़ी डिमांड के बीच बिजली का शेड्यूल बिगड़ा हुआ है। अधिकतर क्षेत्रों में बिजली के बार-बार कट लगते रहे, जिससे लोगों के बिजली पर आधारित कार्य प्रभावित हुए। विशेषकर किसानों को धान रोपाई के कार्य में परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि बिजली विभाग लगातार एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति के दावे कर रहा है लेकिन बार-बार लगने वाले कटों ने लोगों की दिनचर्या पर विपरीत असर डाला।
वर्जन-
बारिश न होने से वातावरण में उमस बढ़ी है। 29 या 30 जून को अच्छी बारिश होने की संभावना है। अगले 8-10 दिन तक बारिश होने के प्रबल आसार बने हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं पर हवा में नमी की मात्रा 32 प्रतिशत रही। दिनभर हवा की गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
- डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम विशेषज्ञ।