फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जींद-पानीपत-रोहतक लाइन पर 21 माह बाद दौड़ी ट्रेन

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। कोरोना महामारी के कारण रोहतक-पानीपत-जींद रेल लाइन पर 20 माह से बंद चल रही ट्रेन संख्या 04971-72 मंगलवार से दोबारा शुरू हुई तो सैकड़ों यात्रियों के चेहरे खिल गए। उन्होंने कहा कि इससे पानीपत से जींद व पानीपत से रोहतक का आवागमन आसान होगा। समय के साथ बस के मुकाबले पैसे भी कम लगेंगे।
विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान मार्च 2020 में ट्रेनें बंद की गईं लेकिन हालात में सुधार होने के बावजूद अब तक रोहतक-पानीपत-जींद रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया गया था। पहले इस रूट पर तीन ट्रेनें चलती थीं। अब मंगलवार से इस रेलमार्ग पर ट्रेन संख्या 04971-72 का संचालन शुरू किया गया है। यात्रियों ने उम्मीद जताई कि आगे आने वाले दिनों में पहले की तरह पर्याप्त संख्या में पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएगी।
ट्रेन नंबर 04971-72 का समय
ट्रेन संख्या 04971-72 जींद जंक्शन से सुबह चार बजकर 35 मिनट पर चलेगी, जो पौने सात बजे पानीपत पहुंच जाएगी। पानीपत से छह बजकर 58 मिनट पर चलकर सुबह नौ बजे ट्रेन रोहतक पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रोहतक से सुबह साढ़े नौ बजे चलेगी जो 11 बजकर 28 मिनट पर पानीपत पहुंच जाएगी। 11 बजकर 31 मिनट पर पानीपत से चलकर ट्रेन दोपहर एक बजकर 50 मिनट पर जींद जंक्शन पर पहुंचेगी।
विज्ञापन

पानीपत-रोहतक लाइन पर चलती थी 14 ट्रेनें
कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन में 24 मार्च 2020 को रोहतक-पानीपत-जींद रूट पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। रोहतक-पानीपत रूट पर करीब 14 ट्रेनें चलती थीं। इनमें आठ ट्रेनें पैसेंजर और छह ट्रेनें एक्सप्रेस हैं। पानीपत-जींद रूट पर छह ट्रेेनें चलती थीं। दिसंबर 2020 में हरिद्वार-बीकानेर के बीच एक्सप्रेस ट्रेन को शुरू किया गया था। यह ट्रेन सप्ताह में प्रत्येक मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को गुजरती है।
यात्रियों ने दी प्रतिक्रिया-
रोहतक-पानीपत-जींद रेलमार्ग पर ट्रेन का परिचालन शुरू होने से सफर आरामदायक होगा। मैं हर सप्ताह पानीपत आवागमन करता हूं। ट्रेन न चलने से कभी वैन तो कभी बस में आता जाता था। कई बार सीट न मिलने से खड़े होकर ही सफर करना पड़ता था और पैसे भी ज्यादा लगते थे। -बलबीर जागलान, दैनिक यात्री।
रोजगार के लिए पानीपत के उद्योगों में काम करता था। ट्रेन के सफर में किराया भी कम था और ड्यूटी के अनुसार ट्रेन का संचालन भी उसी अनुरूप होता था। ट्रेन बंद होने से रोजगार बंद हो गया। ट्रेन चलने से दोबारा रोजगार मिल सकेगा। रूट पर बंद अन्य ट्रेनों का परिचालन भी जल्द शुरू होना चाहिए। -जयभगवान, दैनिक यात्री।
मुझे अक्सर काम के सिलसिले में पानीपत होते हुए दिल्ली आना-जाना पड़ता है। ट्रेन बंद होने से बसों में धक्के खाते हुए यात्रा करनी पड़ती थी। पैसों के साथ समय भी अधिक लगता था। यात्रा में थकान भी हो जाती थी। ट्रेन चलने से राहत मिली है। समय के साथ ही पैसों की भी बचत हो सकेगी। -जोगेंद्र सिंह, दैनिक यात्री।
मैं अक्सर दिल्ली आता-जाता रहता हूं। ट्रेन बंद होने से बसों में सफर करना पड़ता था। इससे पैसे और समय अधिक लगते थे। रेलवे ने इस रूट पर ट्रेन शुरू कर बड़ी राहत दी है। जो ट्रेनें बंद हैं, उन्हें भी जल्दी शुरू कर दिया जाए। इससे सुबह ड्यूटी पर जाने वालों को भी राहत मिल सकेगी। -बिट्टू कारल, दैनिक यात्री।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें