पानीपत। पानीपत रेलवे स्टेशन ।
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पानीपत। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए रेलवे अब छोटे और घरेलू उद्यमियों की मदद करेगा। इसके लिए नॉर्दन रेलवे ने हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश के जिलों में से पानीपत का चयन किया है। यहां के उद्यमी माह में 15 दिन टेक्सटाइल को बढ़ावा देने के लिए रेलवे स्टेशन पर अपना स्टॉल लगा सकेंगे।
रेलवे ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना की पहल करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्टॉल के जरिए शहर की पहचान को दर्शाना है। रेलवे आगरा यह पहल कर चुकी है। आगरा के पत्थर के खिलौनों के कारोबारी स्थानीय स्टेशन पर माह में 15 दिन अपना स्टॉल लगाते हैं। स्टेशन पर आने वाले यात्री इस कारोबार की जानकारी लेते हैं। दूसरे प्रदेशों के व्यापारी इन स्टॉल पर जाकर अपने लिए पत्थर के खिलौनों के ऑर्डर भी दे सकते हैं। इसी तर्ज पर अब पानीपत में भी यह पहल की गई है।
स्टॉल के लिए बिजली-पानी रेलवे ही उपलब्ध कराएगा। केवल प्राथमिकता के आधार पर ही और ड्रा के आधार पर दुकान लगाने की अनुमति प्रदान की जाएंगी। हालांकि स्टॉल के लिए फीस का खुलासा नहीं किया गया है। ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना में केवल घरेलू और छोटे उद्योगों को स्टॉल लगाने की अनुमति मिलेगी। रेलवे की इस योजना में किसी बड़े उद्योगपति को स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इससे छोटे व घरेलू उद्योग जो घर पर कढ़ाई बुनाई या फिर आचार पापड़ बनाने का काम करते है, उन्हें अलग पहचान दिलवानी है।
20 मार्च तक कर सकते है आवेदन, 25 मार्च से लगा सकेंगे स्टॉल
योजना के तहत स्टॉल लगाने के लिए छोटे उद्यमी 20 मार्च तक स्टेशन पर आकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक स्टेशन अधीक्षक से मिल भी सकते हैं। आवेदन पूरे होने के बाद 25 मार्च से आवेदनकर्ता स्टेशन पर 15 दिन के लिए स्टॉल लगाकर पानीपत रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को अपने प्रोडक्ट से यात्रियों को लुभाकर अलग पहचान बना सकते हैं।
वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के लिए पानीपत स्टेशन को चुना गया है यह जिले के छोटे उद्योग चलाने वालों के लिए खुशी की बात है। 15 दिन तक स्टेशन पर घरेलू और छोटे उद्योगपति स्टेशन पर स्टॉल लगा सकेंगे और पानीपत को अलग पहचान दिलवा सकेंगे। 20 मार्च तक आवेदन कर सकते है 25 मार्च से स्टॉल लगेेंगे। - इंद्र पाल खोसला, स्टेशन अधीक्षक
पानीपत। इंद्रपाल।- फोटो : Panipat