पानीपत। नगर निगम अब तक क्षेत्र की 37619 संपत्तियों को उनके असल मालिकों के परिवार पहचान पत्र से लिंक कर चुका है। जो शहर की कुल संपत्तियों का सिर्फ 31 प्रतिशत है। इसके लिए निगम ने 300 सक्षम हायर किए हैं, जो फिजिकल या टेलीफोनिक सर्वे से रोजाना हजार से 15 सौ पीपीपी को प्रॉपर्टी आईडी से लिंक कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस काम के बीच कुछ लोग अपनी संपत्तियों को पीपीपी से लिंक करवाना तक नहीं चाहते। ऐसे करीब 33462 केस सामने आए हैं, जिन्होंने सक्षमों को अपनी संपत्तियों को पीपीपी से लिंक करने से मना कर दिया है या फिर उनके मालिक ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में निगम के पास 185404 संपत्तियों में से बची 127785 संपत्तियों को पीपीपी से लिंक करवाना चुनौती से कम नहीं होगा।
बता दें कि करीब दो माह पहले निगम ने क्षेत्र की सभी संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी को अब उनके मालिकों के परिवार पहचान पत्र से लिंक करने का काम शुरू किया था। अधिकारियों का दावा है कि बाकी करीब 69 प्रतिशत को भी जल्द ही उनकी संपत्तियों की आईडी से लिंक कर दिया जाएगा।
ये बताए आंकड़े
अधिकारियों का कहना है कि निगम क्षेत्र में कुल 185404 संपत्तियां हैं। इनमें से निगम अब तक 37619 को परिवार पहचान पत्र से जोड़ या मैप किया जा चुका है। अभी 127785 संपत्तियों को पीपीपी से लिंक करना बाकी है। अब तक करीब 33462 संपत्तियां ऐसी मिली हैं, जिनके मालिकों ने उनकी संपत्तियों को पीपीपी से लिंक करने से मना कर दिया है या वे खाली प्लाट हैं, जिनके मालिक नहीं हैं। इनको डिनाइड एवं वेकेंट प्लाट की श्रेणी में रखा गया है। इनके अलावा 1327 ऐसी संपत्तियां भी हैं, जो फिलहाल खाली हैं लेकिन उनके मालिक उसे पीपीपी से जोड़ने से मना भी नहीं कर रहे और मैप भी नहीं करवा रहे।
यह होगा फायदा-
अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति को पीपीपी से लिंक करने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो प्रॉपर्टी का जो मालिक होगा उसकी प्रॉपर्टी उसके परिवार पहचान पत्र से लिंक होगी। ताकि कोई दूसरा उस प्रॉपर्टी पर जबरन कब्जा इत्यादि नहीं कर सकेगा। प्रॉपर्टियों के विवाद भी आसानी से सुलझ सकेंगे। दूसरा लोगों के पास कितनी संपत्तियां हैं, इसका ब्योरा भी सरकार के पास रहेगा। इससे सरकार को किसी भी योजना के अनुसार लाभार्थियों के चयन में मदद मिलेगी।
रोजाना कर रहे लिंक
परिवार पहचान पत्र से प्रॉपर्टी आईडी को लिंक करने का काम लगातार चल रहा है। इसके लिए सक्षम युवा काम पर जुटे हैं। अब तक 37 हजार से ज्यादा संपत्तियों को पीपीपी से जोड़ा जा चुका है। संपत्ति मालिक जो फीडबैक संपत्ति को लेकर देते हैं, वह नोट कर अपलोड कर दिया जाता है।
- चक्रवर्ती, परिवार पहचान पत्र एवं सक्षम अधिकारी, नगर निगम।