पानीपत। सेक्टर-25 के जिमखाना क्लब के सामने बनाए गए अवैध डंपिंग स्टेशन पर गंदगी के ढेरों के बीच बुधवार सुबह करीब छह मृत गोवंश मिले। इस पर शहरवासियों में सवाल उठाया। पूछा कि अचानक शहर में इतने गोवंश कैसे मर सकते हैं। इनका निगम के पास स्थायी समाधान क्यों नहीं है। इनकी मृत्यु के बाद उचित जगह पर दफनाया क्यों नहीं गया। बारिश के मौसम में इन गोवंशों के मृत शरीर से भयंकर बदबू और संक्रमण फैलने का डर बन सकता था।
दूसरी ओर इनकी मौत पर आशंका जताई गई कि ये गोवंश भूख से परेशान होकर गंदगी खाते हैं, जिससे ये बीमार होकर मर जाते हैं। यहां कूड़ा डालने वाले और इन पशुओं को दफनाने वाली एजेंसी कर्मचारियों ने बताया कि यहां रोज पांच से छह गोवंश दफनाए जाते हैं। इनमें से कुछ तो शहरवासी फेंक जाते हैं तो कुछ शिकायत मिलने पर निगम की ओर से उठवाए जाते हैं। अब तक इस जमीन में एक हजार से ज्यादा गोवंशों को दफनाया गया है। इनको शहर से उठाकर लाने और यहां दफनाने का काम चार जोन के टेंडर लेने वाली एजेंसियों का है। शहरवासी निगम को अपने एरिया में मरे हुए पशुओं की शिकायत भेजते हैं, जिस पर निगम एजेंसी को निर्देश देकर इनको उठवाने और यहां दफनाने का काम करता है।
शहर की सड़कों पर अब भी हजारों बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। वे चारे की तलाश में गंदगी के ढेर तक पहुंच जाते हैं। यहां गंदगी खाने से वे बीमार होकर मौत के मुंह में चले जाते हैं, लेकिन शहर की सरकार इससे बेखबर है। कई माह पहले शहर की सरकार नैन गोअभ्यारण्य में बेसहारा गोवंशों को छोड़ने के नाम पर कई वादे करके आई थी, जिसके बाद इस गोशाला में करीब 850 पहुंचा दिए गए लेकिन वादे पूरे नहीं किए।
सुविधाएं न मिलने पर गोशाला ने गोवंश लेने से कर दिया था इनकार
नगर निगम से चारे की सुविधा न मिलने पर नैन गोअभ्यारण्य ने शहर के गोवंशों को लेने से मना कर दिया। इसकी वजह से गोवंश सड़कों पर अपना डेरा डाले हैं। हालांकि इससे पहले भी शहर से करीब 2500 पशु गोशाला में भिजवाए जा चुके हैं और अभी भी शहर में करीब 2500 पशु शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं। पिछले तीन माह से शहर से बेसहारा पशुओं को नैन गोअभ्यारण्य में छोड़ने का काम बंद है।
यहीं दफनाए जाते हैं मृत पशु
शहर में जहां से भी मृत पशुओं की शिकायत आती है, उन्हें एजेंसी उठाकर यहां दफनाती है। इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी यहां मृत पशु फेंक जाते हैं। उन्हें भी यहीं दफनाया जाता है।
- गुरमीत सिंह, सफाई निरीक्षक, नगर निगम।