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नौंवी कक्षा तक स्कूल खोलने की भी उठी मांग

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पानीपत। बार-बार हो रही मांग के बाद आखिरकार बीते मंगलवार को स्कूल खोलने का एलान हो ही गया। हालांकि अभी स्कूल संचालकों को पूरी राहत नहीं मिली है। एक फरवरी से 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए ही स्कूल खुलेंगे। कहा गया है कि जिन बच्चों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, उन्हें ही स्कूलों में प्रवेश मिलेगा। वहीं, निजी स्कूलों ने पहली से नौवीं कक्षाओं केे लिए भी स्कूल खोलने की मांग की है। स्कूल संचालकों का कहना है कि सभी कक्षाओं के स्कूल खोले जाएं। वह कोविड-19 गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करेंगे। स्कूल एसोसिएशनों ने सभी कक्षाओं के स्कूल न खोले जाने पर प्रदर्शन तेज करने की बात कही है।
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जगह-जगह चल रहे स्कूल खोलो अभियान
स्कूल खोलने की मांग को लेकर जगह-जगह स्कूल खोलो अभियान चलाए जा रहे हैं। भिवानी में जुलूस निकलने के बाद जींद में स्कूल खोलो अभियान शुरू हो चुका है। इसके साथ ही पलवल-फरीदाबाद में भी स्कूल खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। फरीदाबाद में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं। पानीपत में निजी स्कूल संघ भी स्कूल खोलने का समर्थन कर रहे हैं।
प्लान बना पर अभी मंजूर नहीं हुआ
इससे पहले 33 फीसदी बच्चों के साथ नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल खोलने का प्लान था, जिसे सोमवार को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सरकार का मानना है कि, मार्च में परीक्षाएं हैं, ऐसे में बड़े बच्चों की पढ़ाई जरूरी है। सप्ताह में तीन शिफ्ट में कक्षाएं लगाने पर भी चर्चा हुई। सोमवार-मंगलवार, बुधवार-गुरुवार व शुक्रवार-शनिवार को 33-33 फीसदी बच्चे स्कूल बुलाने का रोस्टर तैयार करने की योजना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी राय ली जाएगी। उसके बाद ही अन्य कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने पर फैसला लिया जाएगा।
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एक जनवरी से बंद हैं स्कूल
स्कूल एक जनवरी से बंद हैं। 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहे। उसके बाद बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण 26 जनवरी तक बच्चों की छुट्टियां की गईं जिन्हें बढ़ाकर 31 जनवरी किया गया। 13 जनवरी से शिक्षकों के लिए 50 फीसदी रोस्टर लागू किया गया। शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे हैं।
क्या कहते हैं अभिभावक
ऑनलाइन शिक्षा से सही नहीं हो रही पढ़ाई
ऑनलाइन शिक्षा से बच्चों की पढ़ाई सही से नहीं हो रही है। वे सब कुछ भूल रहे हैं। आंखों में भी दिक्कतें हो रही हैं। कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप तेजी से फैला, लेकिन अब जैसे-जैसे केस कम होने लगे हैं और सब कुछ खोला जा रहा है तो शिक्षण संस्थानों को भी खोलना चाहिए। - राजेश कुमार, अभिभावक
ऑनलाइन पढ़ाई जारी पर समस्याएं ज्यादा
कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से ज्यादा परेशानी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों है। ज्यादातर बच्चों के पास मोबाइल या लैपटॉप नहीं हैं। ऐसे में वे पढ़ाई में पीछे छूट रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन स्क्रीन टाइम बढ़ने से उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। - एडवोकेट जसविंद्र मलिक, अभिभावक।
जांच के लिए कमेटी बने तब खोले स्कूल
स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए कमेटी बने। इसके बाद ही स्कूल खोले जाएं। देश के कुछ हिस्सों में स्कूल खुलने पर बच्चों में संक्रमण के मामले सामने आए थे। इसे ध्यान में रखकर कोरोना गाइनलाइन का पालन करने पर सख्ती बरती जाए। - जोगेंद्र सिंह, अभिभावक।
कोविड-19 नियमों का करेंगे पालन
10वीं से 12वीं के स्कूल 1 फरवरी से खुल रहे हैं तो बाकी स्कूल भी खोल देने चाहिए। कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश न दिया जाए, जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है। हम सरकार की हिदायतों के अनुसार ही स्कूल खोलेंगे। स्कूल खोलने पर पहले की तरह मास्क लगाकर आने वाले विद्यार्थियों को एंट्री दी जाएगी। स्कूल खोलने पर सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग का बंदोबस्त होगा। - बिजेंद्र मान, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल।
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