पानीपत। कोविड-19 के दौरान महामारी के चलते जिले के तीन अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिला है। इनको 18 वर्ष तक हर माह 2500 रुपये एक प्रकार की पेंशन के तौर पर दिए जाएंगे। इसके अलावा 12 हजार रुपये हर साल पढ़ाई या अन्य खर्चों के लिए दिए जाएंगे।
एक सर्वे के दौरान जिले में 166 ऐसे बच्चे पाए गए हैं, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता या पिता (कोई एक) को खोया है। तीन ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता और पिता दोनों को खोया है। आंकड़ों के मुताबिक, पानीपत शहरी ब्लॉक में 100 बच्चे, पानीपत ग्रामीण ब्लॉक में 17, इसराना ब्लॉक में आठ, समालखा ब्लॉक में 13, मतलौडा ब्लॉक में, बापौली ब्लॉक में 15 बच्चे मिले हैं। इन सभी बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि ऐसे बच्चों के पालन-पोषण के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना लागू की गई है। इसके तहत 18 वर्ष तक इन बच्चों को 2500 रुपये प्रतिमाह हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग देगा। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण से जो बच्चे अनाथ हो गए हैं, उन्हें पालन-पोषण खर्च के अतिरिक्त पढ़ाई समेत अन्य खर्चों के लिए 12 हजार रुपये हर साल दिए जाएंगे।
बाल देखभाल संस्थान में रहेंगे तो मिलेंगे 1500 रुपये
उन्होंने बताया कि जो बच्चे बाल-देखभाल संस्थान में रहेंगे, उन बच्चों का पालन-पोषण बाल-देखभाल संस्थान करेगा, ऐसे बच्चों के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 18 वर्ष तक 1500 रुपये प्रतिवर्ष जमा करवाएं जाएंगे। जब ये बच्चें 21 साल के हो जाएंगे, तो यह जमा राशि इन्हें दे दी जाएगी। 21 वर्ष की आयु होने पर बच्चों को मैच्योरिटी राशि के रूप में मिलेगी, अन्य खर्चा बाल-देखभाल संस्थान वहन करेगा।
लड़कियों के लिए कई योजनाएं : डीसी
डीसी ने बताया कि जिन लड़कियों ने किशोर अवस्था में महामारी के बीच अपने माता-पिता को खोया है, उन्हें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आवासीय शिक्षा मुक्त दी जाएगी। ऐसी बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51 हजार रुपये भी उनके खाते में डाले जाएंगे, जो विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि मिलेगी।