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लड्डू गोपाल के भी बढ़ गए भाव

सार

बाजारों में इस बार सबसे ज्यादा लड्डू गोपाल के पालने बिक रहे हैं। यह पालने 200 रुपये से लेकर 2 हजार तक के हैं। बाजार में मौजूद ग्राहक सोनिया का कहना है कि इस बार पालने के दाम भी बढ़ा दिए हैं। 300 वाला पालना 500 रुपये का दे रहे हैं।
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जन्माष्टमी की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली और मथुरा से आने वाले लड्डू गोपाल व उनकी पोशाक के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इस बार दुकानों में पहले की तरह ही भीड़ है, लेकिन दाम अचानक बढ़ने के कारण आधे से ज्यादा ग्राहक खाली हाथ ही वापस लौट रहे हैं। वहीं कुछ ग्राहकों को मजबूरी में ही महंगा सामान खरीदना पड़ रहा है। जब दुकानदारों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहे इंधन के दाम के कारण ही आयात-निर्यात पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। जिससे दिल्ली, मथुरा व वृंदावन से पानीपत सामान आने में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है।
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इस साल इंसार बाजार, मॉडल टाउन की दुकानों में 40 प्रतिशत दुकानदारी घटी है। दुकानदारों का कहना है कि पिछली बार कोरोना का डर था जिसके बाद भी लोगों ने अच्छे से खरीदारी की थी। इस बार कोरोना का तो डर नहीं है, लेकिन 30 प्रतिशत बढ़ोतरी होने के कारण लोग सामान नहीं खरीद रहे हैं।
बाजारों में इस बार सबसे ज्यादा लड्डू गोपाल के पालने बिक रहे हैं। यह पालने 200 रुपये से लेकर 2 हजार तक के हैं। बाजार में मौजूद ग्राहक सोनिया का कहना है कि इस बार पालने के दाम भी बढ़ा दिए हैं। 300 वाला पालना 500 रुपये का दे रहे हैं। वहीं पोशाक के दाम भी काफी ज्यादा बढ़ा दिए हैं। ग्राहक नंदनी का कहना है कि बाजारों में इस बार लड्डू गोपाल की कोई नई पोशाक नहीं आई है, फिर भी दाम बढ़ा दिए गए हैं।
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वृंदावन से ही सामान महंगा आ रहा है : मनोज
वृंदावन व दिल्ली से हम कई सालों से सामान मंगाते हैं। महामारी खत्म होने के बाद भी लड्डू गोपाल व पोशाक के दाम 30 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। महिलाओं को लगता है कि सामान सस्ता है, हम ही महंगा बेच रहे हैं।
-मनोज कुमार, दुुकानदार
महामारी के बाद से लोगों की जेब खाली हो गई है : प्रीतम
महामारी के बाद से जेब खाली हो गई है और जन्माष्टमी का सामान महंगा हो गया है। जिससे इस बार बाजार में लोग तो सामान खरीदने के लिए आ रहे हैं, लेकिन दाम सुनकर वापस बिना सामान लिए ही जा रहे हैं।
-प्रीतम सिंह, दुकानदार
पिछले 10 साल में पहली बार इतने दाम बढ़ते देखा है : संतोषी
पिछले 10 साल से भगवान के वस्त्र व मूर्ति बेचने का व्यापार करती हूं, लेकिन पहली बार जन्माष्टमी पर इतने ज्यादा दाम बढ़ते देखा है। लोगों में महामारी का डर खत्म हो गया है, लेकिन बढ़ते दाम का डर बना हुआ है।
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-संतोषी सिंह, दुकानदार
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