राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा शनिवार को पानीपत टोल प्लाजा पर धरनारत किसानों की बीच पहुंचे और उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वे आगामी सत्र में संसद में एक बार फिर किसानों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे और पहले की तरह देश की सबसे बड़ी पंचायत में किसानों की आवाज गूंजेगी। उन्होंने किसानों की सात महीने की तपस्या बेकार नहीं जाएगी, सरकार को किसानों की मांगें माननी ही पड़ेगी। उन्होंने आंदोलन के दौरान कुर्बानी देने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार की रणनीति है कि किसानों को इतना परेशान कर दो कि वे दुखी होकर धरनास्थल से लौट जाएं, लेकिन, ये सरकार की गलतफहमी है। किसान जहां डटा है वहीं डटा रहेगा, पीछे बिल्कुल नहीं हटेगा।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि वो किसान आंदोलन की गंभीरता को समझे और किसान संगठनों से बिना शर्त तुरंत बातचीत शुरू कर समाधान निकाले। उन्हें इस बात की भी पीड़ा है कि सरकार अन्नदाता की कुर्बानियों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार किसानों को डराने की बजाय मनाने की कोशिश करे। सरकार ये गलतफहमी अपने मन से निकाल दे कि वो किसानों की मांगें भी नहीं मानेगी और किसानों को डराने में भी सफल हो जाएगी।