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सिविल अस्पताल में नजर नहीं आता ओमिक्रॉन का खतरा

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पानीपत। सिविल अस्पताल में पर्ची बनाने वालों की लगी हुई लोगों की भीड़। - फोटो : Panipat
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पानीपत। देश में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय सबको सतर्क कर रहा है। विदेशों से आने वाले लोगों को ट्रेस कर क्वारंटीन किया जा रहा है, लेकिन सिविल अस्पताल में ओमिक्रॉन का खतरा कहीं नजर नहीं आता। यहां न तो सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है और न ही ज्यादातर लोग मास्क पहने नजर आते हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ का आलम ऐसा रहता है कि कई बार धक्का-मुक्की की नौबत तक आ जाती है।
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सिक्योरिटी गार्ड लोगों को समझाने की कोशिश करते हैं पर नाकामयाब होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को 1422 ओपीडी हुई हैं। सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन ओपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर व बाल रोग विशेषज्ञों के रूम के बाहर होती है। स्वास्थ्य विभाग का जोर कोरोना रोधी टीकाकरण व कोरोना की सैंपलिंग पर है। पिछले एक सप्ताह में सैंपलिंग दोगुना से अधिक हुई है।
ओपीडी पर्ची वितरण कक्ष
सिविल अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ ओपीडी की पर्ची बनवाने को लेकर होती है। यहां पर सुबह से मरीजों व उनके स्वजनों की लाइन लग जाती है। हालांकि पर्ची बनवाने के लिए महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगती है, लेकिन इसमें लोग एक दूसरे सटकर खड़े रहते हैं। अधिकतर मास्क का प्रयोग तक नहीं करते हैं। जिससे कोरोना के फैलने का खतरा बना रहता है। यहां पर मंगलवार को 1422 लोगों ने डॉक्टरी जांच के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
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वायरल पीड़ितों की सबसे अधिक ओपीडी
सिविल अस्पताल में अब भी वायरल पीड़ितों की ओपीडी 300 से अधिक है। इनमें बच्चों की संख्या भी बहुत अधिक है। मेडिसिन विभाग के सामने दो गार्ड भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करा पाते। यहां पर अकसर लोगों की गार्ड के साथ बहस होती है।
अब तक विदेश से आए 25 लोगों का नहीं लगा सुराग
कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के खतरे के बीच पिछले आठ दिन में विदेशों से 161 लोग शहर पहुंचे हैं। इनमें से 136 लोगों को ट्रेस कर क्वारंटीन कर दिया गया है। अब तक 25 लोगों का सुराग नहीं लगा है। स्वास्थ्य विभाग इनको ट्रेस करने के लिए पुलिस की मदद भी ले रहा है, लेकिन अब तक ट्रेस नहीं हो पाए हैं। जो लोग विदेश से शहर में आए हैं यहां उनके आरटीपीसीआर टेस्ट भी हुए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मिली है। हालांकि सभी फिलहाल होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
42 प्रतिशत लोगों को लगे कोरोना के दोनों टीके
जिले में कुल 9.70 लाख लोगों को कोरोना रोधी टीका लगना है। अब भी जिले में 70 हजार लोगों को टीके की कोई भी डोज नहीं लगी है। जिले के 42 प्रतिशत पात्रों को कोरोना रोधी टीके की दोनों डोज लग चुकी है। डेढ़ लाख ऐसे पात्र हैं जिन्होंने समय बीत जाने के बाद भी टीके की दूसरी डोज नहीं लगवाई है।
दोगुनी हुई सैंपलिंग
ओमिक्रॉन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग को बढ़ाने पर जोर दिया है। पिछले एक सप्ताह में सैंपलिंग दोगुनी हो गई है। पिछले सप्ताह तक सिविल अस्पताल में औसतन 550-600 लोगों की कोरोना जांच होती थी। अब कोरोना की सैंपलिंग 1400 से ज्यादा है।
लोगों को समझाते हैं, लोगों को खुद जागरूक होना चाहिए
सिविल अस्पताल में लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। सभी गार्ड को निर्देश दिए गए हैं कि वो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराएं। लोगों को समझाने पर लोग गार्ड के साथ ही उलझ जाते हैं। लोगों से अपील है कि वो खुद समझें मास्क का प्रयोग करें। दूरी बनाकर लाइन में खड़े हों। -डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ, सिविल अस्पताल
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