इसराना। अघोषित बिजली कटों से परेशान ग्रामीणों के सब्र का बांध बृहस्पतिवार को टूट गया। ग्रामीणों ने सब स्टेशन के मेनगेट पर ताला जड़ दिया। बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एक घंटे तक विरोध जताया। इस दौरान बिजली निगम के कर्मचारी कार्यालय में ही बंद हो गए। सब स्टेशन में ताला लगाए जाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दीपक कुमार ने निगम के जेई संदीप शर्मा के साथ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
हालांकि बाद में ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए लिखित शिकायत दी, जिसके समाधान के लिए बिजली निगम ने चार दिन का समय मांगा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण प्रदीप जागलान, जोगिंदर, हरिंदर, बिजेंद्र और रविंद्र समेत मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इसराना में 24 में से मात्र 4 या 5 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इस दौरान भी बार-बार कट लगते हैं। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था ठीक करने की मांग के साथ ही इससे पूर्व किए गए प्रदर्शन पर महिलाओं पर दर्ज मामले रद्द करने की मांग भी रखी। ग्रामीणों ने चेताया अगर पांच दिन में बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो फिर से प्रदर्शन करेंगे ।
सब स्टेशन से कर्मियों को बाहर निकाल फीडर बंद कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
समालखा। बिजली के अघोषित कटों से परेशान गांव मनाना के ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिर बृहस्पतिवार की शाम को टूट ही गया। उन्होंने गांव के सब स्टेशन में पहुंचकर फीडर बंद कर दिए। कर्मचारियों को बाहर निकाल दरवाजा बंद कर दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इससे पहले सुबह भी ग्रामीण बिजली कार्यालय समालखा पहुंचे लेकिन अधिकारी के नहीं मिलने पर लौट आए।
ग्रामीण महासिंह, जोगिंद्र, नाहर सिंह, राजकुमार, प्रताप, संदीप, बिजेंद्र, सुभाष, राजेश, चांद, विकास, रणबीर, मुकेश, जयबीर, सुरेंद्र व पाले राम ने बताया कि अघोषित कटों के कारण गांव और खेतों में बिजली नहीं मिल रही है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गेहूं का सीजन होने के कारण विभाग की ओर से शेडयूल बनाया गया है। बावजूद इसके उन्हें शेडयूल के अनुसार बिजली नहीं दी जा रही है। शाम सात बजे से बारह, रात दो से चार और सुबह छह से आठ बजे तक का शेड्यूल है। बावजूद इसके खेतों में मुश्किल से पौना घंटा बिजली मिल रही है जबकि रात को बिजली दी जानी चाहिए।
गांव में भी बिजली की हालत बद से बदतर हैं। इसके कारण उनके घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दिनभर बिना बिजली के रहने के बाद रात में बिना बिजली सो नहीं पाते हैं। इसके अलावा पशुओं के चारे एवं पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। कर्मचारियों को बाहर निकालकर फीडर बंद कर सब स्टेशन का दरवाजा बंद करने की सूचना मिलने पर एसडीओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। इस संदर्भ में एसडीओ रवि कुमार का कहना है कि शेड्यूल बनाकर बिजली सप्लाई को दुरुस्त किया जाएगा।