पानीपत। कथा सुनते हुए श्रद्धालु।
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पानीपत। सेवा प्रदर्शन का रूप नहीं है अपितु अनुकरण का रूप है। सेवा का हम सबको अनुकरण करना चाहिए। जनमानस की सेवा करना अनुकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। दीन दुखियों की सेवा भगवान की पूजा की समान है। यह बात कथावाचक राधे-राधे महाराज ने श्री अवध धाम मंदिर के वार्षिक महोत्सव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कही।
श्री अवध धाम मंदिर के वार्षिक महोत्सव एवं श्री हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष में अवध धाम सेवा समिति के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा सत्संग समारोह का आयोजन किया जा रहा है। दाऊजी महाराज की अध्यक्षता एवं सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा सत्संग समारोह के पांचवें दिन बुधवार को कथावाचक ने कहा कि गीता मन के मैल को साफ करती है। समाज में फैली कुरीतियों को साफ करती है। गीता ही एक ऐसा ग्रंथ है, जिसके अंदर मानव मन से गोता लगाए तो वह मोती बनकर ही आएगा और समाज की सेवा करेगा।
इस मौके पर दाऊजी महाराज ने कहा कि समाजसेवी व्यक्तियों को राशन वितरण करना चाहिए ताकि जरूरतमंद भूखे न रहें। हम सबका प्रयास रहना चाहिए कि पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक आवश्यकता की वस्तु प्राप्त हों।
इस अवसर पर मंदिर समिति ने दशहरा कमेटी के प्रधान रमेश माटा, 13-17 दशहरा कमेटी के प्रधान भीम सचदेवा, सनातन धर्म संगठन के प्रधान कृष्ण रेवड़ी, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं बाल कल्याण मानद सदस्य
पानीपत। कथा सुनाते हुए पंडित राधे-राधे महाराज।- फोटो : Panipat